Advertisement

गर्मियों में बच्चों को बादाम खिलाने का सही तरीका, जानिए जरूरी बातें

बादाम को पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन ई, मैग्नीशियम और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करते हैं। हालांकि गर्मियों के मौसम में कई माता-पिता के मन में यह सवाल आता है कि क्या बच्चों को बादाम खिलाना सही है या इससे शरीर में गर्मी बढ़ सकती है? आइए जानते हैं इसकी असली वजह।

 

Advertisement

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में बच्चों को बादाम देना पूरी तरह सुरक्षित है। बादाम कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे मौसम के आधार पर पूरी तरह बंद कर दिया जाए। यह सालभर खाया जा सकता है। हालांकि इसकी मात्रा और सेवन का तरीका मौसम के अनुसार थोड़ा बदलना चाहिए।

बादाम में मौजूद पोषक तत्व बच्चों की याददाश्त, हड्डियों की मजबूती, इम्यूनिटी और ऊर्जा बढ़ाने में मदद करते हैं। इसलिए गर्मियों में भी इसे डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। बस जरूरत है कि इसे सही मात्रा और सही तरीके से खिलाया जाए। बहरहाल, आइए इसके फायदों को विस्तार से समझते हैं।

Advertisement

बच्चों के लिए बादाम के फायदे:

बादाम में विटामिन ई और ओमेगा फैटी एसिड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चों की स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। इसके अलावा, गर्मियों में संक्रमण और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की समस्या काफी बढ़ जाती है। बादाम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं।

इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चों की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए जरूरी हैं। चूंकि बच्चे दिनभर खेल-कूद और अन्य गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं, इसलिए बादाम उन्हें लंबे समय तक भरपूर ऊर्जा देने में मदद कर सकता है।

Advertisement

गर्मियों में बादाम खिलाने के तरीके:

गर्मियों में बच्चों को सूखे बादाम देने के बजाय रातभर पानी में भिगोकर सुबह छिलका उतारकर खिलाना सबसे बेहतर माना जाता है। इससे बादाम पचाने में आसान हो जाता है और पोषक तत्वों का अवशोषित होना भी बेहतर होता है। यदि बच्चा सीधे बादाम नहीं खाता है, तो दूध, दही, केले या अन्य फलों की स्मूदी या शेक में बादाम मिलाकर दिया जा सकता है।

छोटे बच्चों के लिए बादाम को पीसकर पाउडर बना लें और इसे दूध, दलिया, खिचड़ी या ओट्स में मिलाकर दें। ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में किसी भी ड्राई फ्रूट का सेवन सही नहीं माना जाता। 3 से 10 साल की उम्र के बच्चों को सामान्य रूप से 4 से 8 बादाम प्रतिदिन देना पर्याप्त माना जाता है।

बादाम खिलाते समय जरूरी सावधानियां:

यदि बच्चे को नट्स से एलर्जी है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना बादाम बिल्कुल न दें। बहुत ज्यादा बादाम खिलाने से पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। इसके अतिरिक्त, गर्मियों में बादाम के साथ बच्चों को पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ भी दें। अंत में, छोटे बच्चों को साबुत बादाम देने के बजाय कूटकर या पीसकर देना ज्यादा सुरक्षित होता है ताकि गले में अटकने का डर न रहे।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें