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इस बार नहीं भद्रा का साया दिनभर बांधी जा सकेगी राखी

रक्षाबंधन पर्व: सौभाग्य, शोभन और सर्वार्थ सिद्धि योग की त्रिवेणी में 9 अगस्त को मनेगा

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अभिजीत मुहूर्त 9 अगस्त को सुबह 5.47 बजे से दोपहर 1.24 बजे तक रहेगा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भाई-बहन के प्यार और बंधन का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व ९ अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सफलता की कामना करती हैं और भाई अपनी बहनों की जीवनभर रक्षा का संकल्प लेते हैं। अच्छी बात यह है कि इस बार इस पर्व पर भद्रा का साया नहीं रहेगा इसलिए दिनभर बहनें अपने भाइयों की कलाइयों पर राखी बांध सकेंगी।

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ज्योतिर्विद पं. अजय कृष्ण शंकर व्यास ने बताया कि इस वर्ष रक्षाबंधन पर सौभाग्य और शोभन जैसे शुभ योग बन रहे हैं जो इसे और भी खास बनाते हैं। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है जिसे किसी भी मांगलिक काम के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। श्रावण पूर्णिमा पर ब्राह्मणों द्वारा तीर्थ स्थलों पर हेमाद्री स्नान का विधान है जिसका उद्देश्य आत्मशुद्धि और पापों का नाश करना है। यह स्नान 10 प्रकार की सामग्रियों से किया जाता है जिनमें भस्म, मिट्टी, गोमय, पंचगव्य, गोरज, धान्य, फल, सर्वोषधि, कुशोदक और सुवर्ण शामिल है।

राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त
रक्षाबंधन का अभिजीत मुहूर्त 9 अगस्त को सुबह 5.47 बजे से दोपहर 1.24 बजे तक है। इस दौरान भद्रा का कोई साया नहीं रहेगा इसलिए इस मुहूर्त के अलावा भी दिनभर राखी बांधी जा सकेगी। पं. व्यास ने बताया भद्रा का वास जिस लोक में होता है उसका प्रभाव भी उसी लोक में होता है। पृथ्वी पर भद्रा को अशुभ माना जाता है और शुभ कार्यों के लिए इसे वर्जित माना गया है। स्वर्ग और पाताल लोक में भद्रा का प्रभाव पृथ्वी जितना अशुभ नहीं होता है। हालांकि, इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं है।

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