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पंक्चर बनाने वाले के खाते में 90 लाख का लेन-देन

ऑनलाइन सट्टे का बड़ा नेटवर्क उजागर

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सागर में 2.69 करोड़ रुपए नकद और 30 लाख के सोने के जेवर जब्त, नोट गिनने की मशीन भी मिली

सागर पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ पटेल को भोपाल से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके घर से 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपए नकद, करीब 30 लाख रुपए के सोने के जेवर और नोट गिनने की मशीन जब्त की है। जांच में करीब 30 फर्जी फर्मों के जरिए 5.50 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक ट्रांजैक्शन का पता चला है।

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मामले का खुलासा एक महिला की शिकायत और पंक्चर बनाने वाले युवक के बैंक खाते की जांच से हुआ। 13 अगस्त को मकरोनिया थाने में रोहित पटेल ने शिकायत की थी कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम से ग्लैमर इंटरप्राइजेस नाम की फर्म बनाई गई है। फर्म के नाम पर फेडरल बैंक की मकरोनिया शाखा में करंट अकाउंट भी खोला गया था। पुलिस ने खाते की जांच की तो फरवरी 2026 से अब तक करीब 90 लाख रुपए का लेन-देन सामने आया।

5 से 7 हजार रुपए देकर लेते थे दस्तावेज

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जांच में धर्मेंद्र नाहर और सोनू दांगी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को 5 से 7 हजार रुपए कमीशन देने का लालच देकर उनके दस्तावेज लेते थे। इन्हीं दस्तावेजों से अलग-अलग नामों पर फर्जी फर्में बनाकर बैंक खाते खोले जाते थे। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन बेटिंग की रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था।

पुलिस को आशंका है कि सागर और बुंदेलखंड के अन्य इलाकों में भी कई लोगों के दस्तावेज इसी तरह इस्तेमाल किए गए हैं।

टेलीग्राम चैनल से 100-150 लोगों को खिलाते थे सट्टा

पुलिस के मुताबिक ऋषभ पटेल ने वर्ष 2019-20 में बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के दौरान ऑनलाइन गेमिंग शुरू की थी। बाद में वह ऑनलाइन सट्टे का बुकी बन गया। उसने दो बेटिंग वेबसाइट के एडमिन राइट्स लिए और टेलीग्राम चैनल बनाकर एक समय में 100 से 150 लोगों को सट्टा खिलाना शुरू किया।

ऑनलाइन बेटिंग से आने वाली रकम को बैंक खातों के जरिए घुमाकर कैश कराया जाता था। पुलिस के अनुसार, इसके लिए अंडा कारोबारियों के खातों में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कर बदले में नकदी ली जाती थी। रियल एस्टेट में पैसा लगाने के जरिए रकम खपाने के संकेत भी जांच में मिले हैं।

30 फर्जी फर्मों के दस्तावेज मिले

पुलिस को बिल्डिंग मटेरियल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेडिंग, टूर एंड ट्रैवल्स और खाद्य कारोबार के नाम पर बनाई गई करीब 30 फर्जी फर्मों के दस्तावेज मिले हैं। इनसे जुड़े बैंक खातों की शुरुआती जांच में 5.50 करोड़ रुपए से अधिक के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं। अब पुलिस फर्मों के रजिस्ट्रेशन और बैंक खाते खोलने के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया की भी जांच कर रही है।

छह गिरफ्तार, दो आरोपी फरार

पुलिस ने अब तक धर्मेंद्र नाहर (38), सोनू दांगी (28), अमित विश्वकर्मा, विपिन गिरि (36), स्वर्णेंद्र पांडे (33) और ऋषभ पटेल (27) को गिरफ्तार किया है। वहीं सरमन उर्फ शुभम अहिरवार और ऋषिकेशव चौहान फरार हैं।

एसपी अनुराग सुजानिया के अनुसार, अमित विश्वकर्मा और ऋषभ पटेल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जांच में छत्तीसगढ़ में भी आरोपियों के सहयोगियों के बारे में जानकारी मिली है।

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