सागर में जहरीली-अवैध शराब से 11 मौतें

मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली और अवैध शराब पीने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 35 लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया है। प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
मरीजों के शरीर पड़े नीले, अकड़न की शिकायत
अस्पताल में भर्ती कराए गए मरीजों में गंभीर लक्षण देखने को मिले हैं। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ गए थे और उन्हें शरीर में अकड़न महसूस हो रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्क्रीनिंग कर रही हैं। शराब पीने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें चेकअप के लिए अस्पताल लाया जा रहा है, ताकि समय रहते संदिग्ध मरीजों का इलाज शुरू किया जा सके।
कलेक्टर ने 24 से 48 घंटे के भीतर शराब पीने वालों से की अपील
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पिछले 24 से 48 घंटे में किसी भी तरह की शराब का सेवन किया है, या उनमें जहरीली शराब से जुड़े लक्षण दिखाई दे रहे हैं, वे तत्काल स्क्रीनिंग कराएं। उन्होंने लोगों से स्थानीय डॉक्टरों की टीम से संपर्क करने या सीधे सिविल अस्पताल पहुंचकर जांच कराने की अपील की है। प्रशासन का उद्देश्य संदिग्ध लोगों की समय रहते पहचान कर उन्हें चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
6 शराब दुकानें सील, सैंपलिंग के निर्देश
मौतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। क्षेत्र की 6 शराब दुकानों को सील कर दिया गया है। इन दुकानों से शराब के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। सैंपल की जांच के बाद शराब की गुणवत्ता और घटना के संभावित कारणों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही प्रशासन ने अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें शराब की बिक्री और सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही हैं।
मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
जहरीली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। गंभीर मरीजों का इलाज जारी है। ऐसे में मौतों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित गांवों में स्क्रीनिंग कराना, संदिग्ध मरीजों को अस्पताल पहुंचाना और अवैध शराब के स्रोत का पता लगाना है।









