माता-पिता से नाराज होकर घर छोड़ा दो किशोरियों ने

एक टाइल्स फैक्टरी में काम कर रही थी, दूसरी मंदिर में बैठी थी

मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीम गुजरात के मोरबी तक पहुंच गई
सबसे पहले वह रतलाम पहुंची थी
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। घर में जरा सी नोंकझोंक हुई और वह रात में ही घर से निकल गई। जब सुबह वह घर में दिखाई नहीं दी तब कोहराम मचा। धीरे-धीरे यह खबर पूरे गांव में फैल गई। आखिर वह १५ साल की किशोरी कहां गई। जब कहीं से कोई खबर नहीं आई तब पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई गई। पुलिस ने अपने स्तर पर खोजबीन की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उसे लापता हुए एक सप्ताह हो गया था। पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही थीं। अंतत: किशोरी का मोबाइल ऑन हुआ और पता चल गया कि इस समय वह कहां है। थाना प्रभारी ने टीम बनाई और गुजरात के मोरबी जाकर उसे अपनी कस्टडी में ले लिया।
यह कहानी है भाटपचलाना में रहने वाली उस किशोरी की जो माता-पिता की डांट बर्दाश्त नहीं कर पाई और 29 अप्रैल को घर से फरार हो गई। उसके पास मोबाइल भी था। यह उसने बंद कर दिया था। थाना प्रभारी सत्येंद्रपालसिंह चौधरी ने बताया कि इस नाबालिग को बरामद करना पुलिस ने लिए बड़ी चुनौती थी। भाटपचलाना से लेकर उज्जैन तक उसे तलाश गया लेकिन कहीं भी कोई पता नहीं चला। कई सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले गए। 9 दिन बाद जब उसका मोबाइल ऑन हुआ तब साइबर सेल से उसकी लोकेशन तलाशी गई। पता चला कि वह मोरबी में है।
गांव के लोगों के साथ काम कर रही थी फैक्टरी में
लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस टीम मोरबी की एक टाइल्स फैक्टरी में पहुंच गई। पुलिस के पास उसका फोटो भी था। पुलिस ने मोबाइल के आधार पर अपनी कस्टडी में ले लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह भाटपचलाना से रतलाम चली गई थी। वहीं से ट्रेन में बैठकर मोरबी आ गई। यहां उसके गांव के कई लोग टाइल्स फैक्टरी में काम करते हैं। गांव के एक लडक़े से उसकी बात हुई और वह फैक्टरी में काम करने लगी। पुलिस ने उसे समझाया और भाटपचलाना लाकर परिवार के हवाले कर दिया।
प्रेम से समझाया थाना प्रभारी चौधरी ने
थाना प्रभारी चौधरी ने स्वयं उस किशोरी को समझाया कि जरा-जरा सी बात पर इस तरह नाराज होकर घर नहीं छोड़ते। तुम्हारे अचानक लापता हो जाने से माता-पिता के दिल पर क्या गुजर रही थी, तुम्हें इसका एहसास नहीं है। माता-पिता तो परेशान हुए ही पुलिस को भी तुम्हारे लिए कड़ी मेहनत करना पड़ी। अब ध्यान रखना अपने परिवार में राजीखुशी रहना। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से उसके माता-पिता का चेहरा खिला हुआ था। उन्होंने थाना प्रभारी के प्रति आभार जताया।
नाराज बालिका स्वयं थाने पहुंची
माधवनगर पुलिस को एक नाबालिग के बारे में सूचना दी गई कि वह लापता हो गई। रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। नाबालिग के पिता की शिकायत पर पुलिस ने धारा १३७ (२) के तहत मामला दर्ज कर लिया। थाना प्रभारी राकेश भारती ने एक टीम बनाई और उसे नाबालिग की बरामदगी के लिए रवाना कर दिया। यह किशोरी सुबह ११.३० बजे के लगभग लापता हुई थी। शाम तक उसका कोई पता नहीं चला। शाम ७.३० बजे के लगभग वह स्वयं माधवनगर थाने पहुंची और बताया कि माता-पिता की डांट से नाराज होकर घर छोडक़र चली गई थी। उससे पूछा गया कि इस दौरान वह कहां थी। उसने बताया कि वह गोपाल मंदिर में बैठी हुई थी। पुलिस ने उसके पिता को फोन लगाया और किशोरी को उनके हवाले कर दिया।








