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Uber इंडिया के CEO ने दिया इस्तीफा, अब OpenAI में बड़ी जिम्मेदारी

भारतीय कॉर्पोरेट जगत और टेक इंडस्ट्री से एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। राइड-हेलिंग दिग्गज कंपनी उबर इंडिया (Uber India) के प्रेसिडेंट और सीईओ प्रभजीत सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वे आगामी सितंबर महीने में चैटजीपीटी (ChatGPT) बनाने वाली दुनिया की अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ओपनएआई (OpenAI) के भारत ऑपरेशन्स में बतौर कंट्री मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) शामिल होने जा रहे हैं।

 

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प्रभजीत सिंह भारत में ओपनएआई के सबसे सीनियर लीडर होंगे। वे सीधे किरन मणी को रिपोर्ट करेंगे, जिन्हें इसी साल मार्च में ओपनएआई के एशिया पैसिफिक (APAC) क्षेत्र का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया था।

ओपनएआई में प्रभजीत सिंह की भूमिका और जिम्मेदारियां

ओपनएआई द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत में कंपनी के विस्तार को लेकर प्रभजीत सिंह को कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर नेतृत्व करना होगा:

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  • कंज्यूमर ग्रोथ और एंटरप्राइज अडॉप्शन: भारत में एआई टूल्स के उपभोक्ता आधार को बढ़ाना और बड़े बिजनेस घरानों में इसका इस्तेमाल बढ़ाना।
  • पार्टनरशिप और इकोसिस्टम: भारतीय तकनीकी और एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए नई रणनीतिक साझेदारियां विकसित करना।
  • रेगुलेटरी एंगेजमेंट और ऑपरेशन्स: देश में एआई से जुड़े नियमों, सरकारी नीतियों और कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज का संचालन देखना।
  • हितधारकों को लाभ पहुंचाना: देश के आम उपभोक्ताओं, बिजनेस, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी संस्थाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के फायदों से जोड़ना।

उबर में प्रभजीत सिंह का 10 साल का शानदार सफर

आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) और आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) जैसी देश की शीर्ष संस्थाओं से पढ़ाई करने वाले प्रभजीत सिंह शुक्रवार तक उबर के भारत और दक्षिण एशिया बिजनेस के प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत थे। उबर इंडिया से उनकी विदाई उनके एक दशक (10 साल) लंबे सफर का अंत है, जिसके दौरान उन्होंने भारतीय बाजार में उबर को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया।

समय अवधि / पद भूमिका और उपलब्धियां
अगस्त 2015 वे पहली बार जनरल मैनेजर और हेड ऑफ स्ट्रेटजी के रूप में उबर से जुड़े थे। (इससे पहले वे मैकिन्से एंड कंपनी में एसोसिएट पार्टनर थे)।
जून 2020 से वर्तमान उन्हें भारत और दक्षिण एशिया क्षेत्र का प्रेसिडेंट बनाया गया, जहां उन्होंने कंपनी के पूरे बिजनेस और विकास की कमान संभाली।

प्रभजीत के कार्यकाल में उबर के 6 बड़े रणनीतिक बदलाव

  1. छोटे शहरों में विस्तार: कंपनी ने टियर-II शहरों और गैर-मेट्रो बाजारों में अपनी पकड़ बेहद मजबूत की।
  2. सर्विसेज का विविधीकरण: पारंपरिक कैब सर्विस से आगे बढ़ते हुए उबर मोटो (बाइक), ऑटो और इंटरसिटी ट्रैवल जैसी लोकप्रिय सेवाएं शुरू कीं।
  3. मजबूत साझेदारियां: एवरेस्ट फ्लीट जैसे बड़े फ्लीट ऑपरेटर्स और देश भर के ड्राइवर्स के साथ संबंधों को और गहरा किया।
  4. पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन: उबर ऐप पर ही मेट्रो टिकट बुकिंग जैसी क्रांतिकारी सुविधा को इंटीग्रेट किया।
  5. मेट्रो टिकटिंग का दायरा: ऐप पर दी जा रही यह मेट्रो टिकटिंग सेवा वर्तमान में भारत के 5 प्रमुख शहरों में लाइव हो चुकी है।
  6. ओएनडीसी (ONDC) में बड़ा निवेश: सरकार समर्थित ओएनडीसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से उबर ऐप पर अब तक 1 करोड़ से अधिक मेट्रो राइड्स बुक की जा चुकी हैं। पिछले महीने ही उबर ने ओएनडीसी में ₹60 करोड़ के रणनीतिक निवेश की घोषणा की थी।

उबर का आधिकारिक बयान और आगे की योजना

प्रभजीत के इस्तीफे पर उबर के प्रवक्ता ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत उबर के सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक बाजारों में से एक है। यह इनोवेशन और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का एक मुख्य जरिया है।

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“आज हमारे बिजनेस की मजबूती उस बेहतरीन टीम और मजबूत नींव को दर्शाती है जो सालों की मेहनत से तैयार हुई है। हम प्रभजीत को उबर के साथ उनके एक दशक के सफर में उनके शानदार नेतृत्व और स्थायी योगदान के लिए धन्यवाद देते हैं। हम भारत में अपने विकास के अगले फेज के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

कंपनी ने फिलहाल इस पद के लिए किसी नए उत्तराधिकारी (Successor) के नाम की घोषणा नहीं की है, लेकिन उम्मीद जताई है कि आने वाले हफ्तों में लीडरशिप ट्रांजिशन प्लान को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

घरेलू कंपनियों से मिल रही कड़ी चुनौती के बीच बदलाव

प्रभजीत सिंह का यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब भारतीय राइड-हेलिंग बाजार में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी हो चुकी है। उबर को भारतीय बाजार में रैपिडो (Rapido) जैसे स्थापित घरेलू प्लेयर्स के साथ-साथ को-ऑपरेटिव राइड-हेलिंग ऐप्स और ‘भारत टैक्सी’ जैसे नए मोबिलिटी प्लेटफॉर्म्स से लगातार कड़ी चुनौती मिल रही है। ऐसे में ओपनएआई जैसी ग्लोबल टेक दिग्गज में उनका जाना भारतीय एआई और मोबिलिटी दोनों सेक्टर्स के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।


ओएनडीसी (ONDC) क्या है?
ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (Open Network for Digital Commerce) भारत सरकार द्वारा समर्थित एक ओपन-सोर्स ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य डिजिटल कॉमर्स का एक ऐसा खुला नेटवर्क तैयार करना है जहां उबर जैसी बड़ी प्राइवेट कंपनियां और छोटे वेंडर एक साथ मिलकर पारदर्शी तरीके से अपनी सेवाएं दे सकें।

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