यूडीए ने 11 काम के लिए फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट से मांगा 643 करोड़ का टर्म लोन, चुकाने का तरीका भी बताया

प्रोजेक्ट में निकलने वाली दुकानों, पार्किंग और मंदिरों की आय से लौटाई जाएगी लोन की राशि और ब्याज
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने अपने ११ प्रोजेक्ट के लिए फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट (बैंक आदि) से ६४३ करोड़ रुपए का टर्म लोन मांगा है। यह लोन कैसे चुकाया जाएगा, इसका तरीका भी यूडीए ने बताया है। यूडीए ने शनिवार को इस संबंध में टेंडर जारी किया।
दरअसल, यूडीए अपने मूल काम के साथ डिपाजिट वर्क भी कर रहा है। इसी कड़ी में उसके पास ११ बड़े प्रोजेक्ट है। इनमें कालभैरव मंदिर डेवलपमेंट (१६४.५० करोड़), मंगलनाथ मंदिर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (१२३.९० करोड़) करोड़, सांदीपनि आश्रम डेवलपमेंट (१६०.६२ करोड़), नवग्रह मंदिर डेलवपमेंट (१२०.८४ करोड़), ८४ महादेव डेवलपमेंट (३० करोड़), पीएम एकता मॉल(२२० करोड़), अंगारेश्वर महादेव मंदिर डेवलपमेंट (८३.०० करोड़), भूखी माता मंदिर डेवलपमेंट (१०६.५७ करोड़), गढ़कालिका माता मंदिर डेवलपमेंट (१५.५१ करोड़) , सिद्धवट डेवलपमेंट (१४.५८ करोड़) और बगलामुखी माता मंदिर डेवलपमेंट (८५.०० करोड़) शामिल हैं।
११२४.५२ करोड़ के इन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए यूडीए ने तीन मद बनाई है। अर्बन चैलेंज फंड से २८१.१३ करोड़ और म्यूनिसिपल बांड से उसे २०० करोड़ रुपए मिलने की संभावना है। ऐसे मेंं ११ प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए उसे ६४३.३९ करोड़ रुपए की राशि की जरूरत है और इसके लिए उसने वित्तीय संस्थानों से टर्म लोन मांगा है।
शनिवार को जारी टेंडर में यूडीए ने टर्म लोन चुकाने के तरीके बताते हुए वित्तीय संस्थानों से कर्ज मांगा है।
कैसे चुकाएगा यूडीए कर्ज
यूडीए प्रोजेक्ट में कमर्शियल एक्टिविटी शुरू करेगा। इसके तहत शॉप बनेगी, पार्किंग होंगी। इनसे होने वाली आय से कर्ज चुकाया जाएगा।
मंदिरों में शीघ्र दर्शन की व्यवस्था की जाएगी, इस मद और मंदिर से होने वाली आय से लोन चुकाया जाएगा।
डेवलपमेंट करते समय यूडीए संबंधित मंदिर प्रशासन और धर्मस्वविभाग से एमओयू करेगा और मंदिर से होने वाली आय का ८० फीसदी कर्ज चुकाने में देगा। 20 फीसदी राशि मंदिर के रखरखाव पर खर्च की जाएगी।
टर्म लोन चुकाने की अवधि दस साल रहेगी। कर्ज पर ब्याज का चुकारा हर महीने होगा, जबकि प्रिंसिपल पेमेंट हर तीन महीने में चुकाया जाएगा।









