UPSC Paper Wise Marks: CSE में फिर जारी हो सकते हैं पेपर-वाइज नंबर

UPSC Paper Wise Marks को लेकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से सिविल सर्विसेज मेन परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों के पेपर-वाइज नंबर दोबारा सार्वजनिक करने की सिफारिश की है। हालांकि, यह अभी केवल सिफारिश है, अंतिम फैसला संबंधित विभागों और UPSC की प्रक्रिया के बाद होगा।
2018 से बदला था नंबर जारी करने का तरीका
मामला एक RTI आवेदन से जुड़ा है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, CSE 2017 तक उम्मीदवारों के अलग-अलग पेपर के अंक सार्वजनिक किए जाते थे। लेकिन 2018 से UPSC की मुख्य परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों के केवल कुल अंक जारी किए जाने लगे। पेपर के हिसाब से कितने नंबर मिले, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। RTI के जरिए इस बदलाव के पीछे मौजूद आदेश, नीति या आधिकारिक रिकॉर्ड की जानकारी मांगी गई थी। CIC की कार्यवाही में यह सामने आया कि 2018 से पेपर-वाइज नंबर सार्वजनिक न करने के फैसले को लेकर संबंधित विभाग के पास स्पष्ट आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।
CIC ने क्या सिफारिश की?
केंद्रीय सूचना आयोग ने केंद्र सरकार को पेपर-वाइज नंबर सार्वजनिक करने की व्यवस्था फिर शुरू करने पर विचार करने की सलाह दी है। CIC का यह कदम RTI से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया। आयोग ने पारदर्शिता और सूचना उपलब्ध कराने के पहलू को ध्यान में रखते हुए यह सिफारिश की है। हालांकि, इसे UPSC के लिए तत्काल लागू होने वाला आदेश नहीं माना जाना चाहिए। अभी यह देखना होगा कि सरकार और UPSC इस सिफारिश पर क्या निर्णय लेते हैं।
UPSC और DoPT की क्या स्थिति है?
मामले में UPSC ने बताया कि अंतिम परिणाम के बाद विस्तृत अंक संबंधित सरकारी संस्थानों को उपलब्ध कराए जाते हैं। वहीं, DoPT से जुड़े रिकॉर्ड में भी लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और कुल अंकों जैसी जानकारी का उल्लेख मिलता है। यही वजह है कि पेपर-वाइज नंबर सार्वजनिक किए जाने की मांग को लेकर पारदर्शिता का सवाल फिर चर्चा में आया है।
अभ्यर्थियों के लिए क्यों अहम है पेपर-वाइज मार्क्स?
अगर यह व्यवस्था दोबारा लागू होती है, तो अभ्यर्थियों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि चयनित उम्मीदवारों ने Essay, General Studies और Optional जैसे अलग-अलग पेपर में कैसा प्रदर्शन किया। इससे UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों को अपनी तैयारी और रणनीति का आकलन करने के लिए अधिक विस्तृत सार्वजनिक डेटा मिल सकता है।
फिलहाल CIC की सिफारिश के बाद सबकी नजर इस बात पर है कि UPSC और केंद्र सरकार इस व्यवस्था को लेकर आगे क्या कदम उठाते हैं।









