अमेरिका को ईरान के साथ समझौते की जल्दी नहीं: ट्रंप

लेबनान और इजराइल में 3 हफ्ते का सीजफायर कराया

वॉशिंगटन डीसी। डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में इजराइल और लेबनान के राजदूत स्तर की दूसरी बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर को तीन हफ्तों के लिए बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि वह जल्द ही इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन को व्हाइट हाउस बुलाने की योजना बना रहे हैं। ईरान के साथ समझौते को लेकर ट्रम्प ने कहा कि कोई भी डील तभी होगी जब वह अमेरिका के हित में होगी। उन्होंने साफ किया कि इस मामले में कोई तय समय सीमा नहीं है और वह जल्दबाजी में फैसला नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। नॉन-न्यूक्लियर हमलों से ही ईरान को पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है।
ट्रम्प ने नौसेना चीफ को बर्खास्त किया
अमेरिका में रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के भीतर लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। ट्रम्प ने 2 अप्रैल को आर्मी चीफ रैंडी जॉर्ज को हटाया था। अब नौसेना प्रमुख जॉन फेलन को भी पद से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही परमाणु विभाग से जुड़े एंड्रयू हग को संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में सस्पेंड किया गया है, जो कथित तौर पर हनी ट्रैप में फंस गया था।
ईरान की नावों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए
ट्रंप ने गुरुवार को नौसेना को आदेश दिया कि होर्मुज में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली किसी भी ईरानी नाव पर गोली चलाकर उसे नष्ट कर दिया जाए। ट्रंप ने टू्रथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि हमारे माइन स्वीपर्स (बारूदी सुरंग हटाने वाले पोत) अभी जलडमरूमध्य को साफ कर रहे हैं। ट्रंप का यह बयान अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तेल की तस्करी से जुड़े एक और टैंकर को जब्त करने के बाद आया। इस घटनाक्रम के बाद ईरान के साथ होर्मुज जलमार्ग को लेकर गतिरोध और बढ़ गया है। ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है। जब तक ईरान समझौता नहीं कर लेता, तब तक इसे पूरी तरह बंद रखा जाएगा। ट्रंप ने दावा किया, ईरान को यह समझने में बहुत मुश्किल हो रही है कि उनका नेता कौन है। यह लड़ाई ‘कट्टरपंथियों’ (जो युद्ध के मैदान में बुरी तरह हार रहे हैं) और ‘नरमपंथियों’ के बीच है। नेतृत्व में फूट की वजह से ईरान उलझन में है।









