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शूटर जसपाल राणा का निधन,कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 गोल्ड जीते

भारतीय खेल जगत के लिए शुक्रवार का दिन दुखद रहा। देश के दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष ने की। उनके जाने से शूटिंग जगत में शोक की लहर है।

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जानकारी के अनुसार, जर्मनी से भारत लौटते समय उड़ान के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हृदय संबंधी समस्या के चलते उनका इलाज चल रहा था। चिकित्सकों ने उनके हृदय में स्टेंट भी डाला था, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

भारत के सबसे सफल निशानेबाजों में थे शामिल

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जसपाल राणा भारतीय शूटिंग इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में मिलाकर 23 पदक अपने नाम किए थे। इनमें 13 स्वर्ण पदक शामिल थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रदर्शन ने भारत को कई बार गौरवान्वित किया।

मनु भाकर के कोच भी रहे

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राणा केवल एक सफल खिलाड़ी ही नहीं बल्कि एक कुशल कोच भी थे। वे ओलंपिक पदक विजेता शूटर मनु भाकर के कोच रह चुके थे। फरवरी 2025 में उन्हें भारतीय जूनियर शूटिंग टीम के हाई परफॉर्मेंस कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

दर्द में खेलकर जीता था गोल्ड

उनके करियर का सबसे प्रेरणादायक अध्याय 1994 की विश्व शूटिंग चैंपियनशिप माना जाता है। गंभीर शारीरिक पीड़ा के बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि आज भी भारतीय खेल इतिहास की यादगार घटनाओं में गिनी जाती है।

कम उम्र में मिली थी पहचान

जसपाल राणा ने बेहद कम उम्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली थी। उन्हें किशोरावस्था में ही अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनके पिता ने बचपन में ही उन्हें शूटिंग की बारीकियां सिखाई थीं, जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।भारतीय खेल जगत हमेशा जसपाल राणा के योगदान, उपलब्धियों और युवा खिलाड़ियों को दी गई प्रेरणा को याद रखेगा।

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