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अमेरिका में मस्जिद पर हमला, 5 की मौत, नफरत की आशंका

अमेरिका के सैन डिएगो शहर में स्थित एक मस्जिद में सोमवार को हुई गोलीबारी की घटना में 5 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक सिक्योरिटी गार्ड और दो संदिग्ध भी शामिल बताए जा रहे हैं।

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जानकारी के अनुसार, दोनों संदिग्धों की उम्र नाबालिग बताई जा रही है, जिनमें एक 17 साल का और दूसरा 19 साल का था। दोनों के शव मस्जिद के पास खड़े एक वाहन में मिले। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने खुद को गोली मारकर अपनी जान दी।

इस घटना को लेकर जांच एजेंसियां हेट क्राइम के एंगल से भी जांच कर रही हैं, हालांकि अभी तक हमले के पीछे की असली वजह को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

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यह वारदात इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो में हुई, जिसे सैन डिएगो काउंटी की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक माना जाता है। इसी परिसर में एक स्कूल भी संचालित होता है, जहां बच्चों को अरबी भाषा, इस्लामिक स्टडीज और कुरान की शिक्षा दी जाती है।

चल रहा था दौरा

घटना के समय मस्जिद में गैर-मुस्लिम लोगों का एक समूह भी मौजूद था, जो इस्लाम धर्म को करीब से समझने और जानने के उद्देश्य से दौरे पर आया था। मस्जिद प्रशासन के मुताबिक, यह सेंटर अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी समझ और सौहार्द बढ़ाने के लिए लगातार कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।

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मस्जिद के इमाम ताहा हस्साने ने बताया कि घटना के दौरान स्कूल में मौजूद सभी छात्र और शिक्षक पूरी तरह सुरक्षित हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोगों से मस्जिद परिसर से दूर रहने की अपील की गई है। एहतियात के तौर पर पूरे सेंटर को दिनभर के लिए बंद रखा गया।

मस्जिद की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यहां केवल धार्मिक गतिविधियां ही नहीं होतीं, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों में भी विभिन्न समुदायों के लोगों के साथ मिलकर काम किया जाता है। परिसर में रोजाना पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है।

कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि राज्य सरकार मुस्लिम समुदाय के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर परिवार, बच्चे और लोग शांति के साथ इबादत करने के लिए जुटते हैं, वहां इस तरह की हिंसा बेहद डरावनी और दुखद है। उन्होंने साफ कहा कि कैलिफोर्निया में नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है।

गवर्नर ने बताया कि कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल और गवर्नर ऑफिस ऑफ इमरजेंसी सर्विसेज की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जांच में सहयोग कर रही हैं।

अमेरिका में हाल के वर्षों में गोलीबारी की कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 19 अप्रैल 2026 को लुइसियाना राज्य के श्रेवेपोर्ट शहर में एक व्यक्ति ने 8 बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इनमें 7 बच्चे उसी के परिवार से जुड़े बताए गए थे।

वहीं 16 फरवरी 2026 को रोड आइलैंड में एक हाई स्कूल हॉकी मैच के दौरान फायरिंग हुई थी। इस घटना में तीन लोगों की जान गई थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।

इसके अलावा 8 जनवरी 2026 को मिनियापोलिस शहर में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक एजेंट द्वारा कार में मौजूद एक महिला को गोली मारने का मामला सामने आया था, जिसमें महिला की मौत हो गई थी।

27 नवंबर 2025 को व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड के दो जवानों को गोली मारने की घटना ने भी पूरे अमेरिका को झकझोर दिया था। इस मामले में एक अफगान शरणार्थी को हिरासत में लिया गया था।

दरअसल, अमेरिका में गन कल्चर का इतिहास काफी पुराना माना जाता है। साल 1791 में संविधान के दूसरे संशोधन के तहत नागरिकों को हथियार रखने और खरीदने का अधिकार दिया गया था। उस दौर में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होने की वजह से लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रखने की अनुमति दी गई थी। यही व्यवस्था समय के साथ आज भी अमेरिका में जारी है, जिसके कारण वहां बंदूक खरीदना बेहद आसान माना जाता है।

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