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इंदौर-भोपाल ट्रेन में गर्भवती की तबीयत बिगड़ी, उपचार के दौरान मौत

रेलवे हेल्पलाइन की तत्परता भी काम नहीं आई-4 साल की मासूम के सिर से उठा मां का साया

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अक्षरविश्व न्यूज शाजापुर। बेहतर इलाज और अपने परिवारजन से देखभाल की आस लिए पीथमपुर से अपने पैतृक गांव जा रही 27 वर्षीय गर्भवती महिला की यात्रा उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। इंदौर-भोपाल पैसेंजर ट्रेन में यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगडऩे से महिला की मौत हो गई। दर्द से तड़पती पत्नी को पति ने शुजालपुर स्टेशन पर उतारा और भागता हुआ अस्पताल पहुंचा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल की चौखट पर पहुंचने के महज आधे घंटे बाद ही महिला ने दम तोड़ दिया। पास खड़ी 4 साल की मासूम बेटी अब तक इस बात से अनजान है कि उसकी मां अब कभी लौटकर नहीं आएगी।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक मूल रूप से विदिशा जिले के कुरवाई का रहने वाला हरिओम अहिरवार पीथमपुर की एक फैक्ट्री में काम करता है। उसकी 27 वर्षीय पत्नी रानी दो महीने की गर्भवती थी। रविवार दोपहर पीथमपुर में ही रानी के पेट में अचानक तेज दर्द उठा था। डॉक्टर की सलाह और पत्नी की बेहतर देखभाल के उद्देश्य से हरिओम ने उसे गांव ले जाने का फैसला किया। रविवार रात वह पत्नी रानी, चार साल की बेटी और अपने जीजा के साथ इंदौर-भोपाल पैसेंजर से कुरवाई के लिए निकला था। सफर के दौरान सोमवार तड़के करीब 3 बजे अकोदिया स्टेशन के पास रानी की तबीयत तेजी से बिगडऩे लगी और पेट का दर्द असहनीय हो गया। घबराए परिजन ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन पर संपर्क कर मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही शुजालपुर रेलवे पुलिस और एंबुलेंस की टीम अलर्ट हो गई। ट्रेन के शुजालपुर स्टेशन पहुंचते ही बिना एक पल गंवाए महिला को ट्रेन से उतारकर सिविल अस्पताल मंडी पहुंचाया गया।

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नहीं बचाई जा सकी जान

अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत उपचार शुरू किया। लेकिन महिला की हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि उसे बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में भर्ती होने के करीब 30 मिनट बाद ही रानी की सांसें थम गईं। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया है।

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