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उज्जैन: ‘अवंति’ में हंगामा…मरीज को इंदौर रैफर करवाया

अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार में लापरवाही एवं नासमझी का आरोप लगातार लग रहे

 

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उज्जैन।सीएचएल का नाम अवंति हॉस्पिटल हो गया है। यहां मरीजों के परिजनों द्वारा लगातार उपचार में लापरवाही एवं नासमझी का आरोप लगाया जा रहा है। हाल ही में दो मामले ऐसे हुए, जिसे लेकर हॉस्पिटल प्रबंधन चौंक गया। हालांकि प्रबंधन द्वारा जितनी सख्ती की जा रही है, उतना ही नुकसान सीनियर फेकल्टी के छोड़कर जाने से हो रहा है.


महानंदानगर निवासी राकेशसिंह ने बताया कि उनका भतीजा अवंति हॉस्पिटल में डेंगू रोग से पीडि़त होकर उपचार के लिए भर्ती हुआ। वहां सीखने के लिए आए पेरा मेडिकल स्टॉफ द्वारा हाथ में सुई लगाने को लेकर जिस प्रकार से खींचतान की गई, मरीज डर गया। उसने हाथ में सुई लगाने को लेकर तकलीफ बताई। वहीं अन्य मरीजों ने भी कहा कि यहां जब भी सुई लगाते हैं, जोर जोर से चिल्लाने की आवाज आती है। मरीज दर्द से कराह जाते हैं। दूसरा मामला भी डेंगू के मरीज का ही था। इधर सूत्रों का दावा है कि यहां भर्ती होने वाले मरीज उज्जैन और इंदौर के प्रायवेट हॉस्पिटल्स में रैफर हो रहे हैं। कारण मिस मैनेजमेंट बताया।

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हॉस्पिटल्स के सूत्रों का कहना है सीनियर फेकल्टी अब 40 प्रतिशत बची है। शेष 60 प्रतिशत फेकल्टी वह है जो ट्रेनिंग पीरियड में है ओर सीख रही है। ऐसे में मरीज को इंजेक्शन, बाटल लगाते समय तकलीफ होना स्वाभाविक है। धीरे धीरे हाथ साफ होता है।

सीईओ पदस्थ
अवंति हॉस्पिटल में अभी तक डॉ. नीलेश शर्मा कामकाज देख रहे थे। अब यहां पर एक सीईओ पदस्थ किया गया है। वहीं यहां पर मेट्रन के ऊपर मानीटरिंग के लिए एक पोस्ट कायम करके नियुक्ति कर
दी गई है।

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