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उज्जैन:लॉकडाउन के समय का सदुपयोग कर बच्चे बन रहे संस्कारवान

उज्जैन।आज किसी का मौन व्रत है तो किसी ने जमीकंद का त्याग किया है। कोई रात्रि भोजन नहीं करेगा तो कोई टीवी और मोबाइल देख कर खाना नहीं खाएगा। इतने प्यारे और धार्मिक नजारें देखने मिल रहे हैं शहर मे संचालित हो रही, जैन बाल संस्कार पाठशाला में जैन धर्म के संस्कार सीख रहे बच्चों के। श्री महावीर जैन स्थानक, सुभाष नगर द्वारा 10 दिवसीय ऑनलाइन संस्कार शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 27 बच्चे भाग ले रहे हैं। साथ ही 10 नियमों जैसे, रात्रि भोजन त्याग, नवकारसी करना, बड़ो को प्रणाम करना, नवकार मंत्र का जाप आदि, नियमों का पालन भी बच्चे कर रहे हैं।

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शिविर टीचर समता जैन एवं रितु जैन द्वारा बच्चों को फोन लगाकर उनसे सामायिक और प्रतिक्रमण के पाठ पूछे जा रहे है और विशेष ऑनलाइन क्लास भी ली जा रही है। इतना ही नही शिविर में विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही है। साथ ही पूरे शिविर में 15 या इससे ज्यादा सामायिक करने वाले बच्चों को अलग से गिफ्ट भी दिये जाएंगे। शिविर संयोजक विनय कोठारी ने बताया कि रोज अलग अलग वीडियो जैसे-सामायिक करने से क्या लाभ है, रात्रि भोजन करने से क्या नुकसान होता है, ब्रैड पाव खाने से क्या नुकसान होता है, आदि के माध्यम से बच्चों संस्कारित किया जा रहा है।

स्कूल की ऑनलाइन क्लास तो बहुत अटेंड की थी पर इस धार्मिक ऑनलाइन शिविर में पार्टिसिपेट करके बहुत ज्यादा खुशी मिल रही है। मैं रोज सामयिक करने के साथ प्रतिक्रमण भी याद कर रही हूं।

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सान्वी जैन,9वर्ष

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शिविर में भाग लेने से हम अपने जैन धर्म को बहुत अच्छे से समझ पा रहे हैं, साथ ही इसमें होने वाली सभी कॉम्पीटीशन में पार्टिसिपेट करने में भी बहुत मजा आ रहा है।

सम्यक जैन, 7वर्ष

शिविर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं और मेरा छोटा भाई कार्तिक थाली धोकर पीना और सामयिक करना सीख गए हैं। अब तो भोजन करते समय टीवी भी नहीं देखते हैं।

टीशा गोखरु, 11वर्ष

शिविर के लगभग सारे नियम पालन करने की कोशिश कर रहा हूं। धोवन पानी भी खुद से ही बना कर पीता हूं। जैन धर्म की ऑनलाइन क्लास अटेंड करना बहुत अच्छा लग रहा है।

अर्णव नांदेचा, 8 वर्ष

सामयिक और प्रतिक्रमण के साथ ही शिविर में आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने में बहुत मजा आ रहा है।

विहान जैन, 14वर्ष

लॉकडाउन के समय का सही इस्तेमाल हो रहा है। मैं और मेरा छोटा भाई, हम दोनों जैन धर्म के संस्कार सीख रहे हैं। शिविर में जो भी टास्क दिए जा रहे हैं वे सभी करने में बहुत ही आनंद आ रहा है।

नव्या पारख, 11 वर्ष

शिविर में होने वाली ऑनलाइन क्लास अटेंड करना बहुत अच्छा लग रहा है। इसमें हमें टीचर द्वारा कई तरह की जानकारियां दी जा रही है, जैसे मुहपति क्यों लगाना चाहिए और माहराज साब की गोचरी के बारे में। रोज सामयिक करना बहुत अच्छा लग रहा है।

निशित जैन, 12वर्ष

ऑनलाइन शिविर में कई तरह के नियम फॉलो कर रही हूं, जैसे नवकारसी करना, माला गिनना, मौन धारण करना आदि। इसके साथ ही जैन धर्म का आवशयक सूत्र प्रतिक्रमण भी सीख रही हूं।

अमूल्या जैन, 13 वर्ष

इस शिविर में टीचर बहुत ही अच्छी बातें हमें सिखा रहे हैं ,जैसे घर में सभी बड़ों को रोज प्रणाम करना, सोते- उठते समय नवकार मंत्र गिनना, रात्रि भोज नहीं करना आदि। शिविर में होने वाली सभी कॉम्पीटीशन में पार्टिसिपेट करना बहुत अच्छा लग रहा है।

कनिष्का मेहता,13 वर्ष

इस शिविर की सबसे खास बात यह है कि टीचर जब फोन कर के हमसे पाठ पूछती हैं तो, हमें उनके फोन का इंतजार रहता है और नई बातें याद करने की भी इच्छा होती है। शिविर की सभी एक्टिविटीज भी बहुत इंटरेस्टिंग हैं।

देशना जैन, 8 वर्ष

शिविर में बताए गए 10 नियम का पालन कर, सामयिक भी याद कर रही हूं। साथ ही ग्रुप पर जो वीडियो भेजे जा रहे हैं, वे भी काफी ज्ञानवर्धक हैं, उनसे भी बहुत सी अच्छी बातें सीखने को मिल रही है।

पहल कोठारी, 7 वर्ष

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