करोंदिया में दर्दनाक हादसा… पहला शव रात 10 बजे, दूसरा 3 बजे निकाला

घर पर कोचिंग का बोलकर निकले थे 9 दोस्त, फिर नहाने के लिए खदान पहुंच गए, 2 डूबे

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। देवास-मक्सी रोड बायपास पर ग्राम करोंदिया में सोमवार को दर्दनाक हादसा हो गया। यहां करीब 55 फीट गहरी खदान में नहाने के लिए उतरे 9 बच्चों में से 7 बच गए, जबकि दो डूब गए। सूचना पर नागझिरी पुलिस, होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीमें पहुंची और रेक्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। शाम 5 बजे से शुरू हुई सर्चिंग में रात करीब 10 बजे पहला शव मिला, जबकि देर रात करीब 3 बजे दूसरा शव भी निकाल लिया गया। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
दरअसल, सोमवार दोपहर करीब 2.30 बजे घर से कोचिंग की बात करने का बोल १६ वर्षीय ९ दोस्त आकाश पिता नवलसिंह मरमट निवासी पांड्याखेड़ी, उज्जवल पिता रूपेश सोलंकी निवासी गणेशपुरा मक्सी रोड, वरुण पिता दिलीप धूरिया रायकवार निवासी पांड्याखेड़ी, आलेख पिता राजेश चौहान निवासी पांड्याखेड़ी, पूरब पिता विनोद साहू निवासी पंवासा, आयुष पिता लक्ष्मण गोमे निवासी कंचनपुरा, विनय पिता विकास सेंगर निवासी कंचनपुरा, अनस पिता हामिद खान निवासी अशोकनगर और शुभम पिता किरण जाटवा निवासी किशनपुरा घर पर कोचिंग की बात करने जाने का बोलकर ई-रिक्शा से निकले थे।
किसी ने 10वीं तो किसी ने 11वीं की परीक्षा पास की थी इसलिए कोचिंग के बदले पिकनिक मनाने के लिए मोबाइल पर आसपास की लोकेशन सर्च कर ग्राम करोंदिया स्थित खदान पहुंच गए। यहां सात बच्चे किनारे पर नहा रहे थे, जबकि अनस और शुभम गहरे पानी मेें चले गए और डूबने लगे। यह देख बाकी दोस्त घबरा गए। इसमें से एक ने उन्हें बाहर खींचने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हुआ। धीरे-धीरे दोनों गहरे पानी में समां गए।
सर्चिंग में अंडर वॉटर कैमरे की मदद ली
हादसे की सूचना मिलते ही नागझिरी, पंवासा और नरवर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद जिला होमगार्ड कमांडेंट संतोष कुमार जाट की अगुवाई में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। बच्चों को तलाशने में अंडर वॉटर कैमरे की मदद ली गई जिससे करीब ५५ फीट की गहराई में बच्चे नजर आए। रात करीब १० बजे शुभम का शव निकाल लिया गया, जबकि अनस का शव देर रात ३ बजे निकाला जा सका। इसके बाद शवों को पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया गया। जहां मंगलवार सुबह पीएम कर शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए।
इकलौता बेटा था शुभम
मिली जानकारी के मुताबिक शुभम जाटवा अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। 9 साल की प्रार्थनाओं के बाद उसका जन्म हुआ था। वह परिवार का लाडला था। पढऩे में बेहद होशियार शुभम ने हाल ही में 11वीं की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की थी जिससे माता-पिता भी बेहद खुश थे। उन्हें भरोसा था कि शुभम भविष्य में उनका नाम रोशन करेगा लेकिन इसी बीच यह हादसा हो गया। शुभम की माता-पिता और परिवार सदमे में है। वहीं अनस पांच भाई-बहनों में से एक था। उसका एक भाई और तीन बहनें हैं। उसके पिता ड्राइवर हैं।









