खुलासा… खुद को गोली मारकर रची फायरिंग की झूठी कहानी

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। ढांचा भवन क्षेत्र में ११ अप्रैल की रात गोली चलने की घटना का चिमनगंज मंडी थाना पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। फरियादी ने खुद ही गोली मारी थी और किसी दूसरे को इसमें फंसाने की प्लानिंग थी। मुख्य आरोपी सहित एक साथी को पुलिस ने गिरफ्त में लिया है, जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि १२ अप्रैल को अतीक पिता विपिन माहुरकर निवासी ढांचा भवन के घायल होने की सूचना पर चरक अस्पताल पहुंचे थे। यहां घायल अतीक के कथन लिए गए। जिसमें उसने बताया कि ११ अप्रैल की रात्रि करीब ११.३० बजे शिव मंदिर के पास ढांचा भवन क्षेत्र में आला बाथम निवासी मोहननगर ने अपने साथी के साथ एक्टिवा से आकर पूर्व में हुए विवाद के चलते देसी कट्टे से फायर किया जिससे गोली उसके पैर में लगी।
पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन इस दौरान घायल एवं अन्य साक्षियों के बयानों में विरोधाभास था जिससे घटना संदिग्ध लगी। घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान शिव मंदिर के पास खून के काफी कम निशान मिले, जबकि रौनक गुर्जर के पिता मनोहर गुर्जर के घर पर खून के साथ पैरों के निशान मिलने से पुलिस का शक गहरा गया। अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर पुलिस ने अतीक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी सच्चाई उगल दी। उसने स्वीकार किया कि पुलिस को गुमराह करने हेतु झूठी कहानी बनाई गई थी।
वास्तविक घटना और आरोपियों की भूमिका
अतीक ने बताया कि उसका आला बाथम से पूर्व में विवाद था। ११ अप्रैल को वह अपने साथी बंटी मालवीय के साथ एक्टिवा से जा रहा था। उसके पास देशी कट्टा था। चलती गाड़ी पर कट्टा लोड करते समय अचानक फायर हो गया जिससे अतीक के पैर में गोली लगी। घटना में आला बाथम को फंसाने के लिए उसने झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई और पुलिस को गुमराह करने के लिए फर्जी घटनास्थल भी तैयार किया।
आरोपी बंटी मालवीय- घटना के समय एक्टिवा चला रहा था। उसने अतीक को घटनास्थल तक पहुंचाया और बातचीत के दौरान कट्टा लोड करने के लिए उकसाया। गोली लगने के बाद घायल अतीक को मनोहर गुर्जर के घर छोड़ा और कट्टा व एक्टिवा ले जाकर सबूत छिपाने की कोशिश की।
आरोपी राहुल चौहान- अस्पताल में अतीक के कहने पर ड्रिप की नली निकालकर उसका खून निकाला तथा उसे भेरू महाराज मंदिर के पास फैलाकर पुलिस को भ्रमित करने का प्रयास किया।
आरोपी रौनक गुर्जर- अतीक को फोन पर घटना के बाद झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए उकसाया और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया।
बचने के लिए खून फैलवाया
मुख्य आरोपी अतीक ने बताया कि उसने सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए वास्तविक घटनास्थल (अरुण किराना स्टोर्स के पास) छिपाने के उद्देश्य से अन्य स्थान पर खून फैलवाया। देशी कट्टा एवं घटना में प्रयुक्त एक्टिवा की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य आरोपी अतीक और राहुल चौहान पुलिस गिरफ्त में है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।









