गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को दें संस्कार और स्किल्स की सीख, CM योगी ने दिया खास संदेश

उत्तर प्रदेश में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं और 15 जून 2026 तक स्कूल बंद रहेंगे। इस बार छुट्टियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बच्चों के नाम एक खास पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि यह वक्त सिर्फ आराम का नहीं बल्कि नई चीजें सीखने, अपनी रुचियां पहचानने और परिवार के साथ अच्छे पल बिताने का भी है।
सीएम ने बच्चों को किताबें पढ़ने, नई भाषा सीखने, फोटोग्राफी, चित्रकारी, संगीत, बागवानी और पाक कला जैसी गतिविधियों से जुड़ने की सलाह दी है। उनका मानना है कि इन छुट्टियों में बच्चे अपने व्यक्तित्व को एक नई दिशा दे सकते हैं।
सिर्फ मोबाइल-टीवी में न गुजरे छुट्टियां
अक्सर देखा जाता है कि गर्मी की छुट्टियों में बच्चे पूरा दिन मोबाइल, टीवी या वीडियो गेम में डूबे रहते हैं। लेकिन अगर इस समय का सही इस्तेमाल हो तो यही छुट्टियां बच्चे के व्यक्तित्व को निखारने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। मां-बाप को चाहिए कि वे बच्चों की पसंद को समझें और उन्हें उनकी रुचि के हिसाब से किसी न किसी एक्टिविटी से जोड़ें। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी सोच भी रचनात्मक बनती है।

नई स्किल सीखने का सही वक्त
छुट्टियों में बच्चे कोई नई भाषा, कंप्यूटर स्किल या मनपसंद हॉबी सीख सकते हैं। आजकल ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के छोटे कोर्स आसानी से मिल जाते हैं। ड्राइंग पसंद हो तो आर्ट क्लास, संगीत का शौक हो तो म्यूजिक — हर बच्चे की रुचि के हिसाब से कुछ न कुछ जरूर है।
किताबों से दोस्ती
किताबें बच्चे की सोच को गहरा करती हैं और भाषा को बेहतर बनाती हैं। अगर पैरेंट्स रोज थोड़ा वक्त बच्चों के साथ बैठकर कहानी या ज्ञानवर्धक किताबें पढ़ें तो धीरे-धीरे पढ़ने की अच्छी आदत खुद-ब-खुद बन जाती है।
परिवार के साथ वक्त बिताएं
साल भर की भागदौड़ में परिवार के साथ बैठने का मौका कम मिलता है — गर्मी की छुट्टियां यही कमी पूरी कर सकती हैं। दादा-दादी से जिंदगी के किस्से सुनना हो या छोटे ट्रिप पर जाना — ये सब बच्चे के भावनात्मक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।
बागवानी से सीखें जिम्मेदारी
बच्चों को पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना सिखाना एक छोटी लेकिन असरदार आदत है। किचन गार्डन जैसी सरल एक्टिविटी बच्चों में जिम्मेदारी का भाव जगाती है और उन्हें प्रकृति के करीब भी लाती है।
स्क्रीन टाइम पर लगाम जरूरी
पूरा दिन मोबाइल या टीवी पर बिताना बच्चों की आंखों और मानसिक सेहत दोनों के लिए नुकसानदेह है। बेहतर होगा कि दिन का कुछ हिस्सा आउटडोर खेलों, पढ़ाई और नई एक्टिविटीज के लिए तय किया जाए। सही दिशा मिले तो ये छुट्टियां बच्चे के भविष्य की नींव बन सकती हैं।









