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घरों के बाहर खुला पड़ा है मौत का जाल

निर्माण कार्य स्थलों पर हो रहे हादसे, लापरवाही बन रही जानलेवा, जिम्मेदारों को हो रही बचाने की कोशिश

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नाले के लिए घर के आगे खोद दिया 4 बाय 4 फीट गहरा गड्ढा आने-जाने के लिए रखे लकड़ी के पटिए

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर में चल रहे निर्माण कार्यों में ठेकेदारों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी लोगों की जान लेने पर तूली है। देसाई नगर मैन रोड पर सड़क चौड़ीकरण कार्य में नाला निर्माण के लिए छोड़े गए खुले सरियों पर गिरने से गंभीर घायल बुजुर्ग महिला जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रही है। पूरे शहर में जगह-जगह ख्ुाले सरिये हादसे का इंतजार कर रहे हैं। हद तो यह है कि इन लापरवाहियों के लिए जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन ब्रिज निर्माण में हुए ऐसे ही हादसे में निर्माण कंपनी और इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी लेकिन इस मामले को महिला की लापरवाही बताकर टाला जा रहा है।

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नगर निगम सांदीपनि चौराहा से उद्यन मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण का कार्य ठेकेदार अमित जिंदल से करवा रहा है। ठेकेदार ने नाला बनाने के लिए 4 फीट गहरी और 4 फीट चौड़ा क्षेत्र में खुदाई कर सरिये डाल दिए हैं। मार्ग पर स्थित मकानों के बाहर खोदे गए इन गड्ढों के ऊपर पटिया रखकर लोग घर के अंदर आ-जा रहे हैं। करीब एक फीट चौड़े इन पटियों पर चलने में जरा भी असावधानी हो तो सीधे सरिये के जाल में गिरने का डर रहता है। इसी के चलते सोमवार को हादसा हुआ। यह कहानी सिर्फ इस मार्ग की नहीं है। ऐसी ही स्थिति शहर के हर उस मार्ग की बनी हुई है जहां चौड़ीकरण हो रहा है। यहां ठेकेदारों ने सरिये खुले ही छोड़ दिए हैं और जो हादसे का इंतजार कर रहे हैं।

ठेकेदार जिंदल की सफाई

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उछलकर पहली मंजिल पर जाने की कोशिश में हादसा, हमारी गलती नहीं

इस बाबत ठेकेदार अमित जिंदल ने बताया कि हमने लोगों की सुविधा के लिए पटिए लगाए हैं। ताकि उन्हें घर में आने-जाने में सुविधा हो। लेकिन वो महिला उछलकर जाने का प्रयास कर रही थीं, इसी कारण गिरकर घायल हो गई। हमारी कोई गलती नहीं है।

घटना मेें लापरवाही नहीं बरती गई
घटना के वक्त महिला पिल्लर व सरिया पकड़कर ऊपर जाने का प्रयास कर रही थी। इस कारण फिसलकर सरियों पर गिर गई। घटना मेें लापरवाही नहीं बरती गई है।
-मुकुल मेश्राम, सब इंजीनियर नगर निगम

15 दिन से अधिक समय से खुले पड़े है सरिए

क्षेत्र वासियों ने बताया कि नाली निर्माण के लिए गड्ढा काफी पहले खोद दिया था। करीब १५ दिन से इसमें सरियों का जाल बिछा है। धीमी गति से काम होने के कारण आए दिन लोग परेशान हो रहे हैं। मदनमोहन शुक्ला ने बताया कि घर में आने जाने के लिए एक पटिया रखा है। सोमवार को गैस लाइन के लोग यहां अपनी लाइन की मरम्मत के लिए आए थे तो वे भी गड्ढा खोदकर चले गए। इससे समस्या और बढ़ गई। क्षेत्रवासियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। अब मांग उठ रही है कि केवल निर्देशों तक सीमित न रहकर दोषी ठेकेदार और लापरवाह साइट इंजीनियरों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

शांति पैलेस ब्रिज हादसे में निर्माण एजेंसी पर एफआईआर तो जिंदल कंपनी पर क्यों नहीं ?

इस मामले में कार्रवाई को लेकर प्रशासन का दोहरा रवैया सामने आ रहा है। इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन निर्माण में शांति पैलेस चौराहा पर ब्रिज निर्माण हादसे के दौरान सरियों के जाल में फंसने से श्रमिक की मौत के मामले में निर्माण कंपनी के जिम्मेदारों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया था। घासमंडी चौराहा- उद्यन मार्ग चौड़ीकरण में हादसे का शिकार हुई महिला का मामला भी गंभीर लापरवाही का है। ऐसे में निर्माण कंपनी, सुपरविजन करने वाली कंपनी और साइट इंजीनियर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने से क्यों बचा जा रहा है। एक जैसे मामलों में दो अलग-अलग तरह की कार्रवाई से लोगों में तरह-तरह की चर्चा है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार और साइट इंजीनियर को निगम के एक पूर्व चर्चित इंजीनियर का खुला समर्थन है। यह इंजीनियर महिला यौन शोषण, कई घोटालों के आरोपी हैं। फिलहाल यह संविदा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

मामले की रिपोर्ट मांगी है
मामले की रिपोर्ट मांगी है। अगर इसमें ठेकेदार और इंजीनियर की लापरवाही मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
अभिलाष मिश्रा
निगमायुक्त उज्जैन

अक्षरविश्व लाइव : कई जगह खुले पड़े हैं लापरवाही के सरिए

शहर में कई जगह सड़कों के काम चल रहे हैं। सरिए खुले पड़े हैं। काम अधूरा है और लोग परेशान है। कवेलू कारखाना मार्ग पर २० दिन पहले सरिए बिछाए गए थे, आज भी हालात वैसे ही हैं। लोग बांस की चाली (पट्टियों) से आना जाना कर रहे हैं। ऐसी ही स्थिति नीलगंगा रोड की भी है यहां भी हर घर के आगे खुले सरिए पड़े हैं। स्थिति ऐसी है कि नजर चूकते ही गंभीर दुर्घटना हो सकती है। देसाई नगर मुख्य मार्ग पर भी ऐसे ही हालात हैं। यहां जिन स्थानों की नाली बन चुकी है, वहां के सरिए भी नहीं हटाए गए हैं।

लोगों की पीड़ा : बुजुर्ग मां निकल नहीं पा रही घर से

नीलगंगा रोड के दिनेश चौधरी ने बताया कि लंबे समये घर के बाहर नाली का काम चल रहा है। पटिए से होकर घर से आना जाना करना पड़ रहा है। उनकी बुजुर्ग मां इस कारण लंबे समय से घर से बाहर नहीं निकली है। कवेलू कारखाना निवासी सैयद अली बताते हैं कि उनकी किराने की दुकान व आटा चक्की है लेकिन नाली बनने के कारण उनका धंधा ठप है, क्योंकि ग्राहक डर के मारे आना-जाना नहीं कर पा रहे हैं।

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