‘लक्ष्मण’ पहुंचा ‘सलमान’ की जमानत देने के लिए, कोर्ट ने हवालात भेज दिया

500 रुपए लेकर जिला न्यायालय में पहुंचा था जमानत देने

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। जिला न्यायालय में मंगलवार की दोपहर एक फर्जी जमानतदार को रंगेहाथों धर लिया गया। 500 रुपए लेकर वह ऐसे व्यक्ति की जमानत देने पहुंच गया था जिसे वह जानता तक नहीं था। कोर्ट में सवाल-जवाब हुए तो उसके हाथ-पैर फूल गए। उसने खुद ही न्यायाधीश के सामने कबूल कर लिया कि उसने झूठा हलफनामा पेश किया है। न्यायालय ने तत्काल पुलिसकर्मियों को बुलाया और उसे माधवनगर थाने की हवालात में भिजवा दिया।
आरोपी का नाम लक्ष्मण पिता मन्नाजी भूरिया (65 ) है। वह झाबुआ जिले के नौगांवा का रहने वाला है और उज्जैन में रहकर मजदूरी करता है। उज्जैन के किसी एक सलमान नामक शख्स का बिजली वितरण कंपनी से जुड़ा प्रकरण विशेष एवं पंचम अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष विचाराधीन है। सलमान के खिलाफ वारंट था, उसे न्यायालय से जमानत करानी थी।
मंगलवार को वह लक्ष्मण को अपना घनिष्ठ परिचित बताकर कोर्ट ले गया और हलफनामा तैयार करवा लिया। इसमें लिखा था कि सलमान के साथ उसके अच्छे रिश्ते हैं और इसी वजह से वह अपनी ओर से जमानत प्रस्तुत कर रहा है। लक्ष्मण ने झाबुआ की अपनी भू-अधिकार पुस्तिका भी जमानत के लिए प्रस्तुत कर दी। उज्जैन का सलमान, झाबुआ का लक्ष्मण… न्यायाधीश को इस मामले में शक हुआ तो कठघरे में खड़े लक्ष्मण से उन्होंने सवाल-जवाब किए तो वह घबरा गया। उसने खुद ही कबूल कर लिया कि जमानत देने के लिए लाया गया था। इसके एवज में 500 रुपए दिए गए थे। न्यायालय ने उसे तत्काल ही पुलिस के सुपुर्द कर उसके खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।
अब कराना पड़ेगी खुद की जमानत
बिजली चोरी के केस में फर्जी जमानत देने पहुंचे लक्ष्मण को अब खुद ही जमानत की जरूरत पड़ेगी। माधवनगर पुलिस ने उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत अपराध दर्ज किया है। यह धारा भादवि की 420 के स्थान पर प्रयुक्त की जाती है। गंभीर धोखाधड़ी के ऐसे प्रकरण में 7 साल तक की सजा का प्रावधान है।
ऐसे भी केस हुए हैं यहां
उज्जैन न्यायालय में न केवल फर्जी जमानतदार के केस सामने आते रहे हैं बल्कि ऐसे भी मामले सामने आ चुके हैं जिनमें जमानतदार भी फर्जी थे और जमानत वाली जमीन की पावतियां भी। माधवनगर पुलिस कुछ साल पहले एक ऐसे गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है जो तहसीलदार और पटवारी की फर्जी सील और साइन का इस्तेमाल कर नकली पावतियां बना लिया करता था। इन पावतियों का इस्तेमाल केवल फर्जी जमानत देने में ही किया जाता था। गिरोह के सदस्य तब पकड़े जा चुके थे। फर्जी जमानत का यह मामला सुर्खियों में भी रहा था।
न्यायालय के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना आरंभ कर दी गई है। फर्जी जमानत देने के लिए उसे कोर्ट तक लाने वाले, रूपयों का सौदा पटाने वाले भी इस जांच के दायरे में आएंगे।
राकेश भारती थाना प्रभारी, माधवनगर









