शूटिंग कोच से अभद्रता करने वाले स्टेडियम प्रभारी को हटाया, पुराना रिकॉर्ड बना आधार

उज्जैन। नानाखेड़ा स्टेडियम परिसर में शूटिंग कोच से अभद्रता, झूमाझटकी करने वाले स्टेडियम प्रभारी को हटा दिया गया है। उन्हें हटाने का आधार मौजूदा घटनाक्रम तो बना ही, पुराने रिकॉर्ड को भी आधार बनाया गया।
करीब डेढ़ महीने पहले नानाखेड़ा स्टेडियम परिसर की व्यवस्था को ठीक करने के लिए सेवानिवृत एएसआई रामकुमार मिश्रा को प्रभारी बनाया गया था। पुलिस के रेडियो विभाग में पदस्थ रहे मिश्रा ने आने के बाद से ही दादागीरी शुरू कर दी थी। उनके बिहेवियर से खिलाड़ी और कोच आतंकित रहते थे। हद तो बुधवार शाम उस वक्त हुई, जब उन्होंने शूटिंग रेंज के कोच विराज परिहार की सरेआम पिटाई कर दी। इतना ही नही मिश्रा ने उन्हें चाहे जहां पीटने और अपने बेटों से पिटवाने की धमकी भी दी।
मामला पुलिस थाने तक भी पहुंचा लेकिन मिश्रा की पहुंच के कारण मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। शुक्रवार को खेल अधिकारी ओपी हारोड ने मिश्रा के पुराने रिकॉर्ड तलब किए। इसमें उनके खिलाफ तत्कालीन स्पोर्ट्स अफसर रूबीना (अब सीहोर में पदस्थ) के परिवार के साथ मारपीट करने का मामला भी सामने आया। यह मामला भी पुलिस तक पहुंचा था और तब अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए मिश्रा का तबादला रीवा कर दिया गया था। हालांकि कुछ साल वहां रहने के बाद उसने अपना स्थानांतरण उज्जैन करवा लिया था।
मिश्रा को हटा दिया है: रामशंकर मिश्रा के आचरण से खिलाडिय़ों और कोच पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा था। शिकायतों को देखते हुए तत्काल प्रभाव से उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
ओपी हारोड, खेल अधिकारी उज्जैन
एफआईआर भी दर्ज होनी चाहिए: रामशंकर मिश्रा का आचरण गुंडे की तरह था। वह सरेआम मारपीट कर रहे थे। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज
होनी चाहिए।
विराज परिहार
शूटिंग कोच









