Popup Image
Advertisement

श्रावण की तरह अधिक मास में उमड़ी भीड़ महाकाल आए 35 लाख से ज्यादा भक्त

नौ नारायण, सप्त सागर और 84 महादेव परिक्रमा के लिए बाहर से आने वालों की संख्या ज्यादा

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अधिकमास के दौरान भगवान महाकाल के मंदिर श्रावण की तरह ही दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ रही है। पिछले 24 दिनों में 35 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। इनमें से अधिकतर श्रद्धालु बाहर के हैं जो इन दिनों यहां सप्त सागर, नौ नारायण और 84 महादेव की यात्रा के लिए आए हैं।

भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों खासी भीड़ देखी जा रही है। यह सिलसिला 15 मई से शुरू हुआ है जो धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। मंदिर समिति के रिकॉर्ड के मुताबिक मई के 16 दिन (15 से 31) तक 29 लाख 93हजार 596 श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। इसमें सर्वाधिक 24 मई (गंगा दशहरा) को 2 लाख 46 हजार 776 और 16 मई (शनिश्चरी अमावस्या) पर 2 लाख 6 हजार 153 आए थे।

Advertisement

वहीं अधिक मास के 24 दिन (15 से 7 जून) के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस दौरान करीब 35 लाख 69 हजार 633 दर्शनार्थी उज्जैन आए हैं। अगर श्रावण माह की बात करते तो श्रावण और भादौ के 45 दिन में पिछले साल करीब सवा करोड़ दर्शनार्थी यहां आए थे जिसमें श्रावण सोमवार, रक्षाबंधन और नागपंचमी जैसे दिन भी शामिल हैं जिसमेें अटूट श्रद्धालु आते हैं। अगर श्रावण के औसत दिनों की बात करें तो रोज करीब डेढ़ से दो लाख दर्शनार्थी मंदिर आते हैं। यही हालात अभी हैं। अधिक मास में भी औसत डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।

महाकाल मंदिर जाए बिना नहीं होती यात्रा
इस साल ज्येष्ठ माह का अधिक मास है और इस दौरान काफी संख्या में दर्शनार्थी उज्जैन आते हैं। यहां विराजित नौ नारायण, सप्त सागर और 84 महादेव की यात्रा का लाभ लेते हैं। ये दर्शनार्थी महाकाल मंदिर भी पहुंचते हैं क्योंकि 84 महादेव के 4 प्रमुख शिव मंदिर महाकाल मंदिर प्रांगण में ही हैं। इस कारण महाकाल मंदिर जाए बिना 84 महादेव की यात्रा पूरी ही नहीं हो सकती। हालांकि, इस दौरान गंगा दशहरा और तीन दिन के वीकेंड के दौरान भी काफी संख्या में दर्शनार्थी मंदिर पहुंचे हैं।

Advertisement

मंदिर समिति ने जुटाई कई सुविधाएं
इस दौरान मंदिर समिति ने दर्शनार्थियों के लिए कई सुविधाएं भी जुटाईं जिसमें सबसे महत्वपूर्ण है फॉगिंग सिस्टम। जिससे निकलने वाली पानी की फुहारों ने तपती गर्मी में श्रद्धालुओं को राहत दी है। महाकाल लोक में लगे फॉगिंग सिस्टम ने दिन की 42-43 डिग्री के तापमान में भी दर्शनार्थियों को गर्मी का एहसास नहीं होने दिया।

होटलों में बढ़ी बुकिंग
अधिक मास के बाद से होटलों में भी काफी रश है क्योंकि नौ नारायण, सप्त सागर और 84 महादेव की यात्रा में करीब 4-5 दिन लगते हैं और ऐसे में यात्रियों को यहां ठहरने के लिए होटल-लॉज की आवश्यकता पड़ती ही है। महाकाल मंदिर के आसपास के होटल-लॉज धर्मशाला के अलावा देवासगेट क्षेत्र के होटलों का व्यापार भी अच्छा रहा। होटल रुद्र के मैनेजर हैप्पी भाई ने बताया कि इस महीने व्यापार अच्छा रहा है।

गेट नंबर 1 पर अतिक्रमण, दर्शनार्थी का पैदल चलना भी मुश्किल: बढ़ती भीड़ के साथ ही मंदिर क्षेत्र दुकानदार, स्ट्रीट वेंडर आदि का अतिक्रमण भी बढ़ गया है। गेट नंबर 1 अवंतिका द्वार के सामने तो यह हाल है कि बीच सड़क में ही गाडिय़ां पार्क हो रही है, दुकानें लग रही है और रही-सही कसर भिखारी, तिलक लगाने वाले, प्रसाद बेचने और शार्टकट से दर्शन कराने वाले दलालों ने पूरी कर दी है। वे दर्शनार्थी को देखते ही उसे घेर लेते हैं और परेशान करने लगते हैं।

लड्डुओं की करना पड़ी राशनिंग दर्शनार्थियों की संख्या बढऩे पर रविवार को लड्डू प्रसाद की राशनिंग करना पड़ी। एक दर्शनार्थी को 100 रुपए के दो से ज्यादा पैकेट नहीं दिए गए।

मंदिर रोड पर लगा रहा जाम महाकाल मंदिर जाने वाले बेगमबाग के रोड पर नीलकंठ द्वार से महाकाल घाटी और वहां से तोपखाना होते हुए दौलतगंज के मार्ग पर सोमवार को सुबह से ही लंबा जमा लगा रहा।

इनका कहना: इन दिनों मंदिर में खासी भीड़ है। रोज करीब डेढ़ लाख से अधिक दर्शनार्थी मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर समिति इनके इंतजाम में पूरी तरह जुटी है।
-आशीष फलवाडिय़ा, सहायक प्रशासक

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें