सिंहस्थ में मजबूत विद्युत ढांचा भी जरूरी

बिजली विभाग ने चार नए विद्युत सब स्टेशनों पर काम शुरू किया, अधिकारी पहुंचे काम देखने

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ में बिजली विभाग को भी मजबूत होना जरूरी है। इसी के लिए बिजली विभाग ने चार नए सब स्टेशनों पर काम करना शुरू कर दिया है। बुधवार को अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कामकाज देखा और समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सिंहस्थ को विश्व स्तरीय बनाने की तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। बुधवार को संभागायुक्त आशीष सिंह (सिंहस्थ मेला अधिकारी) और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने ऊर्जा विभाग के निर्माणाधीन चार नए विद्युत सब-स्टेशनों के कामकाजों का निरीक्षण किया। इस दौरान संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ के सफल आयोजन के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
वाल्मीकि धाम सब-स्टेशन के निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने परिसर के सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाली जगह पर फूलदार और डेकोरेटिव पौधे लगाए जाएं। साथ ही, उन्होंने निर्माणाधीन रिटर्निंग वॉल का अवलोकन कर निर्देश दिए कि पीछे स्थित नाले को व्यवस्थित तरीके से डायवर्ट किया जाए, ताकि भविष्य में सब-स्टेशन को कोई खतरा न हो। ऊर्जा विभाग के अधीक्षक यंत्री वी.के. मालवीय एवं कार्यपालन यंत्री पल्लवी तेलंग ने बताया कि तीन स्थानों पर सिविल कार्य पूर्ण होने के बाद इलेक्ट्रिकल फिटिंग का काम शुरू हो चुका है। संभागायुक्त ने कहाकि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा (डेडलाइन) के भीतर पूर्ण किए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ, ऊर्जा विभाग के कार्यपालन यंत्री सतीश कुमरावत, सिविल इंजीनियर पी.के. शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी साथ थे।
यहां बन रहे 33/11 केवी सब-स्टेशन
चारधाम मंदिर के पास- (235 एमवीए क्षमता) – यहाँ से मेला क्षेत्र, मुख्य शहर और घाटों को बिजली मिलेगी।
सदावल रोड नागतलाई- (2310 एमवीए क्षमता)
वाल्मीकि धाम के पास- (2310 एमवीए क्षमता)
नानाखेड़ा क्षेत्र- (2310 एमवीए क्षमता) – यहाँ भूमि आवंटन के पश्चात सिविल कार्य तेजी से चल रहा है।
सुगम यातायात के लिए चौराहों का होगा कायाकल्प
सिंहस्थ की तैयारियों के मद्देनजर शहर के प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण की योजना पर काम तेज हो गया है। बुधवार को प्रशासनिक संकुल भवन में बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई प्लानिंग की समीक्षा की। बैठक में उन प्रमुख चौराहों पर चर्चा की गई जहाँ सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं और वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि हमारा उद्देश्य केवल मार्गों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि एक ऐसा मोबिलिटी प्लान तैयार करना है जो सिंहस्थ के दौरान और उसके बाद भी शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखे।
बिना निरीक्षण डिजाइन नहीं बनाएं
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को कहा कि स्थल निरीक्षण के बिना डिजाइन फाइनल न करें। लोक निर्माण विभाग, यूडीए, नगर निगम, सेतु विभाग और एमपीआरडीसी के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी चौराहे के डिजाइन को अंतिम रूप देने से पहले अधिकारी स्वयं स्थल निरीक्षण करें। प्रमुख चौराहों पर यातायात के दबाव का गहन विश्लेषण किया जाए।









