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अव्यवस्था: चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए बनाए गए चबूतरें टूटने-फूटने लगे

उज्जैन। इसे विडंबना कहे या काल का चक्र जब परिस्थितियां विपरीत हैं तो अंतिम संस्कार के लिए बनाए गए सीमेंट के चबूतरें भी साथ छोड़ रहे हैं। दरअसल, कोरोना की इस दूसरी लहर में चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर बने चबूतरों पर इतने शवों का अंतिम संस्कार हुआ कि वे जर्जर होकर टूटने-फूटने लगे है।

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जिसके चलते इन चबूतरों पर संस्कार के लिए जमाई गई लकडिय़ां बार-बार गिरने लगी है, लिहाजा परिजनों को काफी परेशान हो रहे है, लेकिन अब तक निगम अफसरों ने न तो इस ओर ध्यान दिया है और न ही चक्रतीर्थ की सुध लेने की जहमत उठाई है। आने वाले लोगों की माने तो वे कई बार इस विषय में निगम प्रशासन को मौखिक तथा लिखित रूप से शिकायत की जा चुकी हैं। लेकिन स्थिति जस के तस बनी हुई है।

टूटे-फूटे चबूतरों का नहीं हो रहा सुधार

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गौरतलब है कि चक्रतीर्थ की लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई है। जिसके चलते यहां बने चबूतरे कई स्थानों से टूटने फूटने लगे हैं। कुछ चबूतरों पर ऊपर टीनशेड तक नहीं है। जिससे गर्मी या बरसात के समय में दाह संस्कार में दिक्कत होती है। वहीं लोगों को शौचालय को लेकर भी परेशानी हो रही है। अव्यवस्था: चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए बनाए गए चबूतरें टूटने-फूटने लगे

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