श्री महाकालेश्वर मंदिर अन्न क्षेत्र में आज मिला इडली-सांभर और पोंगल

हर मंगलवार-शुक्रवार को चख सकेंगे दक्षिण भारतीय व्यंजनों का स्वाद…
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर के अन्न क्षेत्र में आज से एक नई शुरुआत हुई। यहां पर अब सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को दक्षिण भारतीय व्यंजनों का स्वाद मिलेगा। इसकी शुरुआत मंगलवार से हुई। मंगलवार को यहां इडली-सांभर, चावल और पोंगल बनाया गया।
सुबह प्रशासनिक अधिकारियों ने यहां पहुंचकर नई व्यवस्था का शुभारंभ किया। यह पहला मौका है जब यहां के भोजन में साउथ इंडियन शामिल किया गया है। अभी तक यहां सब्जी, दाल, चावल, मीठे में खीर या हलवा और रोटी/पूरी परोसी जाती रही है। इसके अलावा सावन माह के सोमवार को फरियाली मीनू रहता है जिसमें साबूदाना की खिचड़ी, चिप्स, साबूदाना खीर या राजगीर का हलवा और आमटी (राजगीर के आते की कड़ी) दी
जाती है।
अचानक आया फरमान, रातों रात तैयारी की
दक्षिण भारतीय व्यंजन का फरमान मंदिर समिति ने सोमवार शाम करीब ६ बजे के बाद अन्न क्षेत्र में भेजा। उसके बाद तुरंत तैयारी शुरू हुई। इडली बनाने के लिए इडली कूकर और अन्य रॉ मटेरियल जुटाए गए। इडली बनाने के लिए दो स्पेशल हलवाई को हॉयर किया गया। गौरतलब है कि श्री महाकालेश्वर मंदिर का नि:शुल्क अन्न क्षेत्र पूरी तरह से दानदाताओं के सहयोग से संचालित किया जाता है। यहां रोजाना दो शिफ्टों में लगभग १० हजार श्रद्धालु भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं। यहीं से नगर निगम की दीनदयाल रसोई के लिए भी करीब २ हजार लोगों का भोजन सप्लाई किया जाता है।
दो दिनों में तय किए गए हैं विशेष व्यंजन
मंगलवार- इडली, सांभर, स्टीम चावल, मौसमी सब्जी और पोंगल।
शुक्रवार- पुलिहोरा (साउथ इंडियन इमली चावल), पायसम (खीर), रसम, मौसमी सब्जी और स्टीम चावल।









