Advertisement

पाकिस्तान में पुलिस फायरिंग में ऑस्ट्रेलियाई बच्ची की मौत

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस की अंधाधुंध गोलीबारी में ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली एक 9 साल की मासूम बच्ची की जान चली गई। वह मासूम अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ छुट्टियां बिताने और घूमने के लिए वहां आई हुई थी। स्थानीय मीडिया से मिली जानकारियों के मुताबिक, यह प्रवासी परिवार मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया के एक शहर से अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए पंजाब के चकवाल इलाके में आया हुआ था। बुधवार की देर रात जब वे एक किराये की गाड़ी से कहीं जा रहे थे, तभी रास्ते में कुछ अज्ञात बदमाशों ने हथियार के दम पर उनके कीमती गहने और सामान लूट लिए।

 

Advertisement

बताया जा रहा है कि मोटरसाइकिल पर आए दो लुटेरे इस वारदात को अंजाम देकर तेजी से भाग रहे थे, तभी वहां गश्त कर रही पुलिस की नजर उन पर पड़ी। पुलिस को देखकर लुटेरे तो रफूचक्कर हो गए और उसी दौरान पीड़ित परिवार की किराये की कार भी उस रास्ते पर आगे की तरफ बढ़ी। पुलिस अधिकारियों ने अंदेशा जताया है कि टीम ने गलती से उस कार को ही अपराधियों की गाड़ी समझ लिया और बिना सोचे-समझे उस पर गोलियों की बौछार कर दी। इस अचानक हुई फायरिंग में कार के भीतर बैठी 9 साल की बच्ची को कई गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पिता और बड़े भाई को बेहद गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खुशकिस्मती से बच्ची की मां इस हमले में पूरी तरह सुरक्षित हैं।

2. पुलिसिया दावों और पीड़ित पिता के बयानों में भारी अंतर

इस खौफनाक मामले के सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने अपना पल्ला झाड़ते हुए दावा किया है कि संदिग्ध अपराधियों ने सबसे पहले ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में दोनों तरफ से मुठभेड़ शुरू हुई। हालांकि, अस्पताल में इलाज करा रहे पीड़ित पिता ने एक मीडिया इंटरव्यू में पुलिस के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उनका साफ कहना है कि किसी भी अपराधी ने गोली नहीं चलाई थी, बल्कि पुलिस ने ही उनकी गाड़ी को टारगेट करते हुए सबसे पहले और सीधे फायरिंग शुरू की थी।

Advertisement

इस बेहद गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि इस पूरे मामले की कड़ाई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि जांच की यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष हो, ताकि सबसे पहले उस पीड़ित परिवार को और फिर पूरी दुनिया को इस घटना की असली सच्चाई का पता चल सके। इसके साथ ही, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। मंत्रालय ने कहा है कि वे अपनी नागरिक की मौत और घायल हुए अन्य नागरिकों के लिए हर मुमकिन कांसुलर और कानूनी मदद मुहैया करा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह परिवार हाल ही में मक्का की एक धार्मिक यात्रा (हज/उमरा) पूरी करने के बाद ही पाकिस्तान पहुंचा था।

3. आरोपी अधिकारी पर हत्या का मुकदमा और सख्त एक्शन

मामले के तूल पकड़ने के बाद लोकल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंधाधुंध गोली चलाने वाले संबंधित अधिकारी को तुरंत सस्पेंड करके गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया गया है और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच के लिए एक हाई-लेवल जॉइंट इन्वेस्टिगेशन टीम (JIT) का गठन भी कर दिया गया है। इसके अलावा, पुलिस का दावा है कि लूट की वारदात को अंजाम देने वाले उन दोनों संदिग्ध लुटेरों को बाद में एक अन्य पुलिस एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है।

Advertisement

इस दर्दनाक घटना के बाद से पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया, दोनों ही देशों के आम नागरिकों और सोशल मीडिया पर भारी गुस्सा और नाराजगी देखी जा रही है। पीड़ित परिवार लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया में ही सेटल था। पाकिस्तान के सीनियर पुलिस अधिकारियों ने इस पूरी घटना को ‘गलत पहचान’ (रॉन्ग आइडेंटिटी) के कारण हुआ एक बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण हादसा करार दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि एक बिल्कुल निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के जरिए पीड़ित परिवार को हर हाल में पूरा इंसाफ दिलाया जाएगा।

4. पुलिसिंग के तौर-तरीकों और जवाबदेही पर उठे बड़े सवाल

इस संवेदनशील मामले ने एक बार फिर पाकिस्तान के भीतर पुलिस महकमे के काम करने के पुराने और विवादित तौर-तरीकों पर बहुत बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। खासकर, अपराधियों या संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने और उस वजह से बेकसूर आम नागरिकों की जान जाने को लेकर, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग अब और तेज हो गई है।

लंबे समय से काम कर रहे कई मानवाधिकार संगठनों ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। इन संगठनों का कहना है कि वे काफी समय से पुलिस की बेवजह फायरिंग, कस्टडी में होने वाले दुर्व्यवहार और कथित तौर पर होने वाले फर्जी एनकाउंटर्स को लेकर चिंता जताते रहे हैं। इस बात को अब खुद बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी स्वीकार करने लगे हैं कि जमीनी स्तर पर पुलिस की ट्रेनिंग और आम जनता के बीच उनका भरोसा दोबारा बहाल करने के लिए बड़े और कड़े पुलिस सुधारों की तुरंत जरूरत है।

5. पीड़ित परिवार की मदद में जुटा विदेशी दूतावास

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर दोहराया है कि वे अपनी तरफ से पीड़ित परिवार को इस मुश्किल घड़ी में अकेला नहीं छोड़ेंगे। दूतावास के अधिकारी लगातार पाकिस्तान सरकार और वहां की स्थानीय पुलिस के संपर्क में बने हुए हैं।

मंत्रालय के प्रवक्ताओं ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि वे अपनी उस मृत नागरिक बच्ची के दुखी परिवार और इस हिंसक घटना में गंभीर रूप से घायल हुए दो अन्य ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को हर संभव मेडिकल, लीगल और काउंसुलर सहायता लगातार पहुंचा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी स्तर पर परेशानी का सामना न करना पड़े।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें