बड़े पुल पर हादसे में जान गंवाने वाले दिवंगत एसआई का बेटा एएसआई बना

31 आरक्षक बने प्रधान आरक्षक, 12 को मिला केंद्रीय गृहमंत्री पदक
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जिले के 31 आरक्षकों को कार्यवाहक प्रधान आरक्षक के रूप में पदोन्नत किया गया है। शुक्रवार को एक समारोह में एसपी प्रदीप शर्मा ने सभी पदोन्नत पुलिसकर्मियों की बांह पर साइड बैज (लाल फीती) लगाई और मुंह मीठा कराकर बधाई दी। समारोह में एक प्रधान आरक्षक को कंधे पर स्टार लगाकर एएसआई का कार्यवाहक प्रभार भी सौंपा गया।
समारोह के दौरान उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया, जब दिवंगत उपनिरीक्षक (एसआई) मदनलाल निनामा के पुत्र जितेंद्र निनामा को अनुकंपा नियुक्ति के तहत सीधे सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के पद पर नियुक्ति पत्र सौंपा गया। एसपी ने खुद जितेंद्र के कंधे पर स्टार लगाए। मूल रूप से सैलाना (रतलाम) के रहने वाले एसआई मदनलाल निनामा उन्हेल थाने में पदस्थ थे। पिछले दिनों एक मामले की जांच के दौरान टीम के साथ जाते समय उनकी कार अनियंत्रित होकर शिप्रा नदी के बड़े पुल से नीचे गिर गई थी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।
12 को केंद्रीय गृहमंत्री उत्कृष्ट सेवा पदक
समारोह में गृह मंत्रालय द्वारा घोषित प्रतिष्ठित केंद्रीय गृहमंत्री उत्कृष्ट एवं अति उत्कृष्ट सेवा पदक से जिले के 12 पुलिसकर्मियों को नवाजा गया। यह पदक 15 से 25 वर्ष की निष्कलंक और अद्वितीय सेवा के लिए दिया जाता है।
अति उत्कृष्ट सेवा मेडल (2024) से सम्मानित पुलिसकर्मी- एसपी स्टेनो शाखा के सउनि बाबूलाल वर्मा, आईजी कार्यालय के सउनि शरद सिंह जादौन, एएसपी शहर कार्यालय के प्रआर धर्मेंद्र सिंह, पुलिस लाइन के प्रआर थॉमस अब्राहम, यातायात थाने के प्रआर रामदीन सिंह व प्रआर संतोष वर्मा और आरक्षक सलीम मोहम्मद को इस प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित किया गया। (प्रआर धर्मेंद्र सिंह को वर्ष 2023 के उत्कृष्ट सेवा मेडल से भी नवाजा गया है)।
उत्कृष्ट सेवा मेडल (2024) से सम्मानित पुलिसकर्मी- आईजी कार्यालय के प्रआर अशोक तिवारी व प्रआर मनीष पुरोहित, क्राइम ब्रांच के प्रआर कुलदीप भारद्वाज और डीआईजी कार्यालय के प्रआर पंकज व्यास को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए उत्कृष्ट सेवा मेडल प्रदान किया गया।









