भर गर्मी में अघोरी बाबा की अष्टधूनी तपस्या, देखने उमड़ रहे लोग

19 मई को होगा समापन, 20 को भंडारा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। चक्रतीर्थ श्मशान घाट में इन दिनों एक अलग ही माहौल बना हुआ है। दरअसल गर्मी की तपिश के बीच 40 डिग्री से अधिक तापमान के बीच ‘अष्टधूनी तपस्या’ की जा रही है। 21 दिवसीय यह तपस्या 19 मई तक चलेगी। समापन पर 20 मई को भंडारा आयोजित किया जाएगा। अघोर अखाड़ा, श्री सेनापति कालभैरव गौ सेवा संगठन के बैनर तले खड़ेश्वरी अघोरी बाबा योगी बिष्णुनाथ व योगी सोमवार नाथ यह तपस्या कर रहे हैं। बिष्णुनाथ योगी बम बम नाथ के शिष्य हैं। वह 12 वर्षीय अखंड खड़ेश्वरी अघोर तपस्या कर रहे हैं।
गोरक्षा का संकल्प
संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री रवि चौधरी ने बताया कि सनातन धर्म एवं गौ माता की रक्षा के संकल्प के साथ यह 21 दिवसीय यज्ञ एवं तपस्या आयोजित की जा रही है। रोजाना दोपहर 12 से 3 बजे तक साधक अपने चारों ओर आठ दिशाओं में अग्नि धूनियां प्रज्ज्वलित कर कठोर साधना करते हैं। चौधरी के मुताबिक नौवां स्थान सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। प्रचंड गर्मी के बीच अग्नि के मध्य बैठकर एवं खड़े रहकर की जाने वाली यह तपस्या अत्यंत कठिन रहती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अष्टधूनी तपस्या पंचतत्व अग्नि, जल, पृथ्वी, वायु और आकाश को साक्षी मानकर शरीर एवं मन को साधने, आत्म-साक्षात्कार तथा तांत्रिक सिद्धियों की प्राप्ति के उद्देश्य से की जाती है। यह तपस्या भगवान काल भैरव, अष्टभैरव एवं परम पूज्य योगी बाबा बम बम नाथ जी महाराज को समर्पित है। आयोजन में देश-विदेश से साधु-संत, महंत एवं श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। श्रद्धालु संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर धर्म एवं साधना के इस अद्भुत स्वरूप का अनुभव कर रहे हैं।









