Tuesday, June 6, 2023
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महाकाल मंदिर प्रवेश द्वार कर्मचारी ने इशारा देखा मेरे 4 हैं…

न टिकट न वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, इशारा मिलते ही सीधे प्रवेश

उज्जैन।महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दर्शन व्यवस्था को लेकर बनाये गए नियमों की कर्मचारियों द्वारा किस प्रकार अनदेखी और मिलीभगत कर लापरवाही बरती जा रही है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बैरिकेड्स के बाहर खड़े लोग प्रवेश द्वारों पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों को दूर से मात्र इशारा करते हैं और लोग न सशुल्क टिकट न वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाये सीधे मंदिर में वीआईपी सुविधा प्राप्त कर प्रवेश कर जाते हैं।

ऐसे चल रहा रैकेट
ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, सशुल्क दर्शनार्थी और वीआईपी को गेट नं. 4 से प्रवेश दिया जा रहा है। इसके लिये लोगों को बड़ा गणेश मंदिर घाटी की ओर से बैरिकेड्स में प्रवेश करना होता है। यहां मंदिर समिति, मंदिर सुरक्षा एजेंसी, पुलिस के जवान लगे हैं। सशुल्क, वीआईपी के लिये एक बैरिकेड्स में से प्रवेश दिया जा रहा है जबकि दूसरे बैरिकेड्स से ऑनलाइन स्लाट बुकिंग प्रवेश हो रहा है। सशुल्क बैरिकेड्स से कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ऐसे लोग प्रवेश कर रहे हैं जिनके पास न तो टिकट है न वीआईपी श्रेणी में आते हैं।

यहां से आगे बढ़कर गेट नं. 4 पर पहुंचने के बाद टिकट और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट चैक किये जा रहे हैं। इस गेट पर मंदिर समिति कर्मचारी और सुरक्षा एजेंसी कर्मचारी तैनात हैं। यहीं पर बैरिकेड्स के बाहर से लोग इन कर्मचारियों को हाथों से इशारा कर उंगलियों पर अपने लोगों की संख्या दिखाते हैं। कर्मचारी इशारा मिलने के बाद न टिकट मांगते हैं न ही वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट। सीधे मंदिर में प्रवेश मिल जाता है।

दलाल कर रहे स्लाट बुक
मंदिर सूत्रों ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व स्लाट बुकिंग व्यवस्था से कुछ दलालों ने रुपये कमाने की तरकीब निकाल ली है। जैसे ही मंदिर में दर्शनों की साइड खुलती है दलाल फर्जी तरीके से नाम, पते डालकर अपने स्लॉट बुक कर रहे हैं। जब कोई व्यक्ति बिना स्लाट बुकिंग के दर्शनों को पहुंचता है तो उससे 100-200 रुपये में सेटिंग कर उसे मोबाइल देकर दर्शनों के लिये मंदिर में प्रवेश करा देते हैं। स्लाट बुकिंग चैकिंग का एक काउंटर है जहां भीड़ होने की स्थिति में कर्मचारी सिर्फ मैसेज ही देख पाते हैं, बुकिंग कराने वाले की पहचान और अन्य जांच नहीं हो पाती।

रिपोर्टिंग के दौरान सक्रिय हो गये कर्मचारी और दलाल
अक्षरविश्व की टीम द्वारा जब मंदिर में प्रवेश को लेकर कर्मचारियों और दलालों के बीच चल रहे रैकेट की गेट नं. 4 पर रिपोर्टिंग शुरू की तो कर्मचारी और दलाल 5 मिनिट में सक्रिय हो गये। सारे नियमों का तुरंत पालन होने लगा। कई लोग कर्मचारियों से कहते नजर आये कि रोजाना तो जाने देते हो, आज क्या हो गया। कर्मचारियों ने कहा मीडिया के लोग खड़े हैं, ज्यादा बहस मत करो, हमारी नौकरी चली जाएगी।

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