शेयर मार्केट में मुनाफे का लालच देकर धोखाधड़ी करने वाला सरगना गिरफ्त में

राज्य साइबर सेल उज्जैन झोन ने किया गिरफ्तार

उज्जैन। शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा देने का लालच देकर फर्जी एडवाइजरी कॉल सेंटर के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले मुख्य सरगना को राज्य साइबर सेल उज्जैन झोन की टीम ने मंदसौर से गिरफ्तार किया है।
राज्य साइबर पुलिस उज्जैन झोन एसपी सव्यसाची सर्राफ ने बताया नवंबर 2024 में राज्य साइबर सेल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मंदसौर जिले के श्यामगढ़ स्थित पंजाबी कॉलोनी में डायमंड रिसर्च बंगलौर नामक एक फर्जी शेयर मार्केट एडवाइजरी कंपनी चलाई जा रही है। जिसके माध्यम से लोगों को शेयर बाजार में एल्गो ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर के जरिए अधिक मुनाफा देने का झांसा देकर निवेश करवाया जा रहा था।
सूचना की पुष्टि के बाद नवंबर 2024 में राज्य साइबर पुलिस उज्जैन झोन ने फर्जी शेयर मार्केट एडवाइजरी कॉल सेंटर पर दबिश दी और २2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में राज्य साइबर सेल उज्जैन में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। इस दौरान पता चला कि कॉल सेंटर में आमजनों को कॉल करने के लिए कॉलिंग डेटा प्राप्त किया जाता था जिसका उपयोग कर आरोपी फर्जी रूप से प्राप्त किए गए मोबाइल नंबरों से लोगों को कॉल कर रहे थे।
वे कॉल के दौरान डायमंड रिसर्च कंपनी के नाम से लोगों को शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से अधिक मुनाफा देने का झांसा देकर निवेश करवाते थे और फर्जी तरीके से उनकी राशि फर्जी बैंक खातों में डलवाते थे। मामले में कॉल सेंटर का मुख्य सरगना कुशाल पिता गोपाल केवट निवासी ग्राम कंवला, थाना भानपुरा, जिला मंदसौर फरार चल रहा था जिसे पकडऩे के लगातार प्रयास किए जा रहे थे। मंगलवार को आरोपी कुशाल केवट को मंदसौर के गांधीसागर चौराहा से गिरफ्तार किया गया।
ऐसे दिया धोखाधड़ी को अंजाम
फर्जी शेयर मार्केट एडवाइजरी कंपनी का नाम लेकर एक कॉल सेंटर स्थापित किया। फर्जी साधनों से आम लोगों का डेटा जैसे मोबाइल नंबर और मेल आईडी प्राप्त किए। फर्जी कॉलिंग स्क्रिप्ट का उपयोग कर लोगों को भरोसा दिलाया। इसके बाद फर्जी एप अकाउंट में फेक वर्चुअल प्रॉफिट दिखाया। इसके बाद फर्जी मोबाइल नंबर का उपयोग कर कॉल करना एवं फर्जी बैंक खातों में धोखाधड़ी की राशि डलवाई।









