देवासगेट और रेलवे स्टेशन पर चौतरफा जाम

सीएसपी देशमुख और टीआई बादल अतिक्रमण हटा सकते हैं तो…

डीजीपी मकवाना ने कहा था- थाना प्रभारी इलाके में नजर आना चाहिए
यात्री और जनता हो रही है बेहद परेशान
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पूरा शहर जाम से त्रस्त है। सडक़ें चौड़ी हो रही हैं। बाहर से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। सावन के पहले सोमवार को सवारी निकलने वाली है। सवारी को यादगार और भव्य बनाने के लिए प्रशासन योजनाएं बना रहा है। बड़े गणेश, हरसिद्धि, कहारवाड़ी आदि क्षेत्रों से अतिक्रमण हटा रहा है। देवासगेट इलाके में कुछ नहीं हो रहा है। यहां अतिक्रमण की भरमार है। नित नए ठेले लगते जा रहे हैं। ई-रिक्शा पर पुलिस प्रशासन का अंकुश नहीं है। ऑटो की समस्या पुरानी है। बिगड़ती यातायात व्यवस्था पर मैजिक का तडक़ा है।
लंबी दूरी की बसों का नानाखेड़ा जाना रुक गया है। लोग परेशान हैं। बात की जाए तो उल्टा सवाल किया जाता है कि अतिक्रमण कब हटेगा? यातायात पुलिस कब नजर आएगी? बाहर से आने वाले यात्रियों से बात की जाए तो जवाब कहते हैं कि पहले इतना अतिक्रमण नहीं था। ट्रॉफिक इतना बुरा नहीं था। पुलिस वाले सिटी बजा कर वाहनों को खदेड़ते नजर आते थे। अब कोई दिखाई नहीं देता। पहले सात-आठ ठेले थे, अब तो गिनती नहीं है। यहां से वहां तक ठेले ही ठेले हैं। यात्रियों ने कहा कि बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पास-पास हैं। यह इलाका अतिक्रमण से मुक्त होना चाहिए।
इसलिए लगता है जाम
- क्षेत्र में अतिक्रमण पैर फैलाता जा रहा है
- शहर में ई-रिक्शा की भरमार हो गई है।
- यातायात पुलिस के जवान नहीं रहते हैं।
- लंबी दूरी की बसें देर तक खड़ी रहती हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों की बसें रेंगती रहती हैं।
- पीली और लाल पट्टी की ई-रिक्शा एक साथ
- रेलवे स्टेशन के सामने से वाहन नहीं हटाते।
- बाहर से आने वाले गूगल से रास्ते ढूंढते हैं।
जिम्मेदार कौन
नगर निगम: नगर निगम की टीम को क्षेत्र में दिखावे नहीं असल में अतिक्रमण अभियान चलाना चाहिए। दोबारा अतिक्रमण करने पर नगर निगम चालान बनाए।
यातायात पुलिस: यातायात पुलिस के जवान तैनात होना चाहिए। वाहनों को सख्ती से आगे बढ़ाना चाहिए। पहले ऐसा होता था।
देवासगेट पुलिस: देवासगेट पुलिस को नगर निगम और यातायात पुलिस का साथ देना चाहिए। पहले देवासगेट पुलिस ही यह इलाका संभालती थी। टीआई खुद सडक़ पर आकर व्यवस्था संभालते थे। प्रवीण ठाकुर जब थाना प्रभारी थे तब वे स्वयं इलाके में घूम कर व्यवस्था देखते थे।
अतिक्रमण सख्ती से हटाएं: यादव
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि देवासगेट इलाका अतिक्रमण की राजधानी और जाम का गढ़ हो गया है। इसके इशारे पर अतिक्रमण हुआ इसकी जांच होना चाहिए। नगर निगम यहां आकर सुस्त क्यों हो जाता है। पुलिस प्रशासन जवानों को इस इलाके में तैनात करे।
कई बार तो यह लड़़ भी पड़ते हैं: गोमे
वरिष्ठ अभिभाषक कन्हैयालाल गोमे का कहना है कि यात्रियों को बैठाने की होड़ में ऑटो और ई-रिक्शा वाले लड़ पड़ते हैं। इससे यात्री भी डर जाते हैं। यदि यातायात पुलिस के जवान मौके पर मौजूद रहेंगे तो ऐसी नौबत ही नहीं आएगी। इस पूरे इलाके को अतिक्रमण से मुक्त करने की जरूरत है।
बसों से लगता है जाम: श्रीवास
पार्षद सुशील श्रीवास का कहना है कि लंबी दूरियों की बसें अन्नपूर्णा मंदिर के पास आकर खड़ी हो जाती हैं। इनकी वजह से क्षेत्र में जाम ज्यादा लगता है। इन्हें नानाखेड़ा से चलाना चाहिए। महापौर ने पिछले दिनों दौरा कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए थे। यातायात सुगम होना चाहिए।
यातायात व्यवस्था सुधारें: बिसेन
पूर्व पार्षद कैलाश बिसेन ने कहा कि बाहर से आने वाले यात्रियों के न्याय किया जाए। यातायात व्यवस्था बुरी तरह बिगड़ी हुई है। एक बार सख्ती से अतिक्रमण हट जाए तो दोबारा नहीं इसके लिए भी चेतावनी दी जाए। प्र्रशासन योजनाएं अच्छी बना रहा है, लेकिन देवासगेट की तरफ ध्यान नहीं है।
कलेक्टर-एसपी दौरा करें: राणा
समाजसेवी राजेश राणा का कहना है कि कलेक्टर-एसपी दौरा करते हैं, अच्छा लगता है। उन्हें शाम के समय देवासगेट इलाके में भी दौरा करना चाहिए तब पता चलेगा कि यहां वाहनों की कैसी रेलमपेल रहती है, कैसा जाम लगता है अतिक्रमण हटाने वाली टीम को इस इलाके में तैनात किया जाए।
ई-रिक्शा और ऑटो पर ध्यान दें: कछवाय
समाजसेवी सुनील कछवाय ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने ई-रिक्शा के लिए लाल और पीली पट्टी निर्धारित की थी। कोई मानने को तैयार नहीं है। दोनों पट्टी वाली रिक्शा एक साथ चल रही है। ऑटो वालों पर अंकुश लगे। रेलवे स्टेशन के सामने इनका जमावड़ा लग जाता है।









