राष्ट्रवादी चिंतक एवं कुशल संगठक के रूप में पहचान बनाई थी बाबूलाल जी जैन ने

प्रथम पुण्यतिथि पर सादर पुष्पांजलि
राष्ट्रवादी चिंतक एवं कुशल संगठक के रूप में पहचान बनाई थी बाबूलाल जी जैन ने
व रिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक स्व. बाबूलाल जैन एक ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे जिन्होंने राजनीति एवं समाजसेवा के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई। वह राष्ट्रवादी चिंतक और कुशल संगठक थे उन्होंने ताउम्र राजनीति के माध्यम से समाजसेवा की और जन-जन तक अपनी छाप छोड़ी। अब वह इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उन्होंने समाजसेवा के जो आयाम स्थापित किए उन्हें भुलाया नहीं जा सकता है।

गंभीर डेम पूरा हुआ...उज्जैन से 15 किलोमीटर दूर गंभीर डेम का कार्य बाबूलाल जैन के प्रभारी मंत्री रहते हुए पूर्ण हुआ। गंभीर डेम का निर्माण उज्जैन में होना चाहिए इसके लिए श्री जैन ने अपनी ओर से काफी प्रयास किए आज गंभीर डेम का जल 12 महीने उज्जैन शहर को उपलब्ध हो रहा है जो कि एक बड़ी सौगात है।
पटवा जी हुए गदगद… सन 1992 में आयोजित सिंहस्थ महापर्व के दौरान बाबूलाल जैन उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री थे। इस दौरान सिंहस्थ महापर्व सफलतापूर्वक संपन्न हुआ इसकी प्रशंसा साधु संतों के अलावा बाहर से आए श्रद्धालुजनों ने भी की। उस दौरान प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा इतने खुश हुए कि उन्होंने यहां तक कहा कि सिंहस्थ की सफलता से मैं इतना खुश हूं कि मेरा दिल करता है कि मैं बाबूलाल जैन को कंधे पर बिठाकर प्रदेशभर में घूमाउं।
राजमाता सिंधिया के खास… स्वर्गीय बाबूलाल जैन को स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया और स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे से विशेष आशीर्वाद सदैव मिला इनके अलावा जनसंघ के वरिष्ठ नेता स्व. अटल बिहारी वाजपेई सहित अन्य बाबूलाल जैन की कार्यशैली के कायल रहे। श्री जैन तीन बार महिदपुर और एक बार उज्जैन उत्तर से विधायक रहे। इसके अलावा उन्हें संगठन में भी कई बार महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी गई जिसे उन्होंने भली- भांति पूर्ण निभाया।
हंसमुख स्वभाव के धनी….स्व. बाबूलाल जैन की खासियत यह थी कि वह मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के थे भाजपा का कोई कार्यकर्ता उनके पास कोई समस्या लेकर पहुंचते थे तो उसका तत्काल समाधान करवाते थे। वह सभी से ऐसी मुस्कान के साथ मिलते थे कि सामने वाला अपना दुख दर्द भूल जाता था। जनसंघ के जमाने से लेकर भाजपा तक श्री जैन ने सदैव संगठन के लिए जमीनी कार्यकर्ता के रूप में कार्य किया और जो भी दायित्व मिला उसे जिम्मेदारी के साथ निभाया। आज भी भाजपा कार्यकर्ता उन्हें याद करते हैं।









