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स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर बेहद नाराज

13 बाल विकास परियोजना अधिकारियों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकी

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला पोषण समिति की बैठक में गुरुवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। काम में लापरवाही पर वह खासे नाराज हुए और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को वेतन काटने से लेकर निलंबन तक की चेतावनी दे दी। सिंह ने कहा कि फील्ड में रहिए। बैठक में बच्चों के रिकवरी दर कम होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और एक पर्यवेक्षक को सस्पेंड कर दिया है, जिला समन्वयक की सेवा समाप्त कर दी है और १३ बाल विकास परियोजना अधिकारियों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकी गई है।

स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के एएनसी पोर्टल के अपलोड डेटा में भिन्नता मिलने पर कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग में तालमेल की समझाइश दी। गर्भवती महिलाओं की संख्या की समीक्षा के दौरान बडऩगर सीडीपीओ सक्रिय प्रसूति की संख्या और गर्भवती महिलाओं का ब्योरा नहीं दे सकें।

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सीडीपीओ/बीएमओ को निलंबन की चेतावनी

इस पर नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। कलेक्टर ने कहा यदि सीडीपीओ/बीएमओ सही कार्य नहीं करते है तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से कहा समस्त सीडीपीओ व सुपरवाइजर रोजाना सुबह 8 बजे रेंडमली आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपस्थित रहें और उसकी रिपोर्ट तत्काल प्रेषित करें। सभी एसडीएम भी यह सुनिश्चित करेंगे कि जिला कार्यक्रम अधिकारी और विभाग के अन्य अधिकारी आंगनवाड़ी केंद्रों पर आ रहे है अथवा नहीं।

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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की संपर्क एप पर उपस्थिति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अनुपस्थित कार्यकर्ताओं का वेतन काटने के निर्देश दिए। पीएम मातृ वंदना योजना में केंद्रों में दर्ज गर्भवती महिलाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इनकी शत-प्रतिशत जानकारी अनमोल पोर्टल पर दर्ज की जाए यह केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसमें कोई कोताही ना बरती जाए।

एनीमिक प्रबंधन कमजोर: गर्भवती महिलाओं की एएनसी कवरेज की समीक्षा के दौरान सीवीयर एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन का प्रतिशत कम मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और इसे शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा सभी प्रसूतियां संस्थागत होनी चाहिए। इसकी जिम्मेदारी बीएमओ की होगी।

पर्यवेक्षक सस्पेंड जिला समन्वयक की सेवा समाप्त
जिला स्वास्थ्य समिति व पोषण समिति की बैठक से अनुपस्थित पर्यवेक्षक प्रीति श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है। जबकि जिला समन्वयक रोहित हिरवे की सेवा समाप्त करने का नोटिस जारी किया गया है। 13 बाल विकास परियोजना अधिकारियों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकी गई है। इनमें अर्चना दलाल, प्रीति कटारा, रीना सोलंकी, नीलम सेठिया, अनुपमा मंडावी, मनोज जाट, मुकेश वर्मा, प्रियंका जायसवाल, ज्योत्सना दीक्षित, सुलोचना सैनी पर्यवेक्षक, प्रीति श्रीवास्तव, प्रेमलता ठाकुर, हितेश कुंवर पर्यवेक्षक के नाम शामिल हैं।

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