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Dhamaal 4 Review: अजय देवगन की कॉमेडी फिल्म नहीं जगा पाई पुरानी धमाल, पढ़ें पूरा रिव्यू

Dhamaal 4 Review: OG गैंग भी नहीं बचा पाई फिल्म, जानिए कैसी है अजय देवगन की नई कॉमेडी

Rating: ⭐⭐☆☆☆ (2/5)

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Dhamaal 4 Review: इंद्र कुमार के निर्देशन में बनी ‘धमाल 4’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी और जावेद जाफरी जैसे स्टार्स की वापसी ने फैंस की उम्मीदें काफी बढ़ा दी थीं। लेकिन क्या फिल्म पहली ‘धमाल’ जैसा मनोरंजन दे पाती है? आइए जानते हैं इस रिव्यू में।

कहानी

फिल्म की कहानी एक बार फिर सालों पुराने छिपे खजाने के इर्द-गिर्द घूमती है। OG गैंग एक ऐसे सुराग की तलाश में निकलती है, जिससे वे अरबपति बनने का सपना पूरा कर सकें।

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हालांकि, पूरी फिल्म में यही कहानी बार-बार दोहराई जाती है। न कोई बड़ा ट्विस्ट देखने को मिलता है और न ही ऐसा रोमांच, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखे। अगर आपने पिछली ‘धमाल’ फिल्में देखी हैं, तो इसकी कहानी काफी हद तक परिचित लगेगी।

निर्देशन

निर्देशक इंद्र कुमार ने पुरानी ‘धमाल’ वाली कॉमिक स्टाइल को दोबारा पेश करने की कोशिश की है, लेकिन इस बार वही फॉर्मूला असरदार साबित नहीं होता।

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आज के दर्शकों की पसंद बदल चुकी है, जबकि फिल्म पुराने टेम्पलेट पर ही टिकी रहती है। कॉमेडी सीक्वेंस सीमित हैं और पूरी फिल्म में गिने-चुने मौके ही ऐसे आते हैं, जहां दर्शकों की हंसी छूटती है।

एक्टिंग

फिल्म में सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं संजय मिश्रा। उनकी कॉमिक टाइमिंग शानदार है और फिल्म के यादगार पल ज्यादातर उन्हीं की वजह से बनते हैं।

  • अजय देवगन अपने रोल में ठीक लगते हैं, लेकिन उनका किरदार उम्मीद के मुताबिक प्रभाव नहीं छोड़ता।
  • रितेश देशमुख के हिस्से कुछ मजेदार सीन आए हैं, जो दर्शकों को पसंद आ सकते हैं।
  • अरशद वारसी और जावेद जाफरी पुराने अंदाज में नजर आते हैं, लेकिन कमजोर लेखन की वजह से उनके किरदार चमक नहीं पाते।
  • रवि किशन का पाइरेट अवतार दिलचस्प होने के बावजूद ज्यादा प्रभावशाली नहीं बन पाया।
  • संजीदा शेख, अंजलि आनंद और ईशा गुप्ता ने भी अपने किरदारों के साथ न्याय किया है, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट उनकी मेहनत पर भारी पड़ती है।

VFX और तकनीकी पक्ष

फिल्म का VFX काफी साधारण नजर आता है। कई दृश्य कृत्रिम महसूस होते हैं, जिससे बड़े पर्दे का अनुभव प्रभावित होता है। इस विभाग में और बेहतर काम की उम्मीद की जा सकती थी।

क्या देखें या नहीं?

अगर आप सिर्फ धमाल की पुरानी स्टारकास्ट को एक बार फिर साथ देखने के लिए उत्साहित हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है। लेकिन अगर आप पहली ‘धमाल’ जैसी दमदार कॉमेडी और लगातार हंसाने वाले सीन्स की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, तो फिल्म आपको निराश कर सकती है।

Final Verdict

‘धमाल 4’ पुरानी यादें जरूर ताजा करती है, लेकिन मजबूत कहानी, नए हास्य और प्रभावी निर्देशन की कमी साफ महसूस होती है। सिर्फ स्टारकास्ट और नॉस्टैल्जिया के दम पर यह फिल्म दर्शकों को पूरी तरह एंटरटेन नहीं कर पाती।

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