Advertisement

ईरानी फुटबॉल टीम को अमेरिका से तुरंत छोड़ने का आदेश मिला

अमेरिका की मेजबानी में खेले जा रहे फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान एक ईरानी खिलाड़ी के ‘गन सेलिब्रेशन’ (बंदूक चलाने के अंदाज में जश्न मनाने) पर भारी बवाल खड़ा हो गया है। इस विवादित घटना के सामने आते ही अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों और आयोजकों ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया, जिसके चलते ईरानी टीम को मैच खत्म होने के तुरंत बाद अमेरिका छोड़कर मेक्सिको जाने का फरमान सुना दिया गया। दरअसल, टूर्नामेंट के दौरान ईरान की टीम का मुख्य बेस कैंप मेक्सिको में बनाया गया है, और सुरक्षा नियमों के तहत अमेरिका में अपना हर मुकाबला खेलने के तुरंत बाद ईरानी खिलाड़ियों को वापस अपने बेस कैंप लौटना अनिवार्य किया गया है।

 

Advertisement

इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान के मुख्य कोच आमिर घालेनोई ने फीफा (FIFA) और अमेरिकी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस जल्दबाजी के चक्कर में खिलाड़ियों को थकावट दूर करने और आराम करने का न्यूनतम समय भी नहीं मिल सका। कोच का कहना था, ‘मैच खत्म होते ही हमें बिना वक्त गंवाए तुरंत मेक्सिको वापस जाने का हुक्म दे दिया गया, जिससे हमारे खिलाड़ियों की शारीरिक रिकवरी पर बहुत बुरा असर पड़ा है। हमारा पहले से तय शेड्यूल यह था कि टीम मैच के अगले दिन आराम से मेक्सिको स्थित बेस कैंप के लिए रवाना होगी, लेकिन मैदान पर हुए ड्रामे के बाद टीम को चैन की सांस लेने तक का मौका नहीं दिया गया।’

मुकाबले में बराबरी के बाद खिलाड़ी की इस हरकत पर मचा बवाल

अगर मैच की बात करें तो लॉस एंजिल्स के खचाखच भरे स्टेडियम में मंगलवार की सुबह न्यूजीलैंड और ईरान के बीच एक बेहद रोमांचक मुकाबला खेला गया। इस कड़े मैच में ईरान ने शानदार खेल दिखाते हुए न्यूजीलैंड को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया। मैच के दौरान ईरान के स्टार मिडफील्डर मोहम्मद मोहेबी ने टीम के लिए एक बेहद शानदार गोल दागा, लेकिन गोल करने के ठीक बाद उन्होंने मैदान पर ही ‘गन सेलिब्रेशन’ का इशारा कर दिया। सोशल मीडिया पर उनकी इस हरकत का वीडियो क्लिप आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसे देखकर फुटबॉल फैंस काफी भड़क गए हैं। दुनिया भर के खेल प्रेमियों ने इसकी तीखी आलोचना करते हुए खिलाड़ी पर तुरंत कड़ा प्रतिबंध लगाने की मांग उठा दी है।

Advertisement

खेल के मैदान पर दिखा दो देशों के बीच के तनाव का असर

भले ही करीब 4 महीने तक चली लंबी कूटनीतिक तनातनी के बाद हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हो गया है, लेकिन इस फुटबॉल मैच के दौरान दोनों देशों के बीच छिपे भू-राजनीतिक तनाव का असर साफ तौर पर महसूस किया गया। मैच शुरू होने से पहले और खेल के दौरान भी स्टेडियम के ठीक बाहर भारी संख्या में अमेरिकी प्रशंसकों ने जमा होकर अपने देश के झंडे लहराए और ईरानी सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया, जिससे माहौल काफी संवेदनशील हो गया था।

कप्तान ने बयां किया दर्द, कहा- सुरक्षा के नाम पर हुई मानसिक प्रताड़ना

मुकाबले के बाद मीडिया से बात करते हुए ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने अपनी टीम को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को बयां करते हुए कहा, ‘मेक्सिको से उड़ान भरकर लॉस एंजिल्स पहुंचने में हमारी टीम को करीब पांच घंटे का समय लगा। वैसे तो यह सफर बहुत ज्यादा लंबा नहीं है, लेकिन एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच, वीजा क्लीयरेंस और बाकी कागजी प्रक्रियाओं के नाम पर हमें जिस तरह बेवजह परेशान किया गया, उससे खिलाड़ी मानसिक रूप से थक गए। हमें इस बड़े मंच पर फीफा से कहीं ज्यादा सहयोग और संवेदनशीलता की उम्मीद थी, लेकिन इस वक्त हमारे लिए हर एक चीज को बेहद मुश्किल बना दिया गया है।’

Advertisement

वीजा कटौती और टिकट कोटे को लेकर पहले से ही था मनमुटाव

ईरानी फुटबॉल टीम की वर्ल्ड कप की तैयारियां किसी न किसी वजह से शुरुआत से ही विवादों और दिक्कतों के घेरे में रही हैं। इससे पहले, अमेरिका ने ईरान फुटबॉल महासंघ के कई आला अधिकारियों, टेक्निकल और सहयोगी स्टाफ के साथ-साथ उनके साथ आ रहे मीडिया रिप्रेजेंटेटिव्स को वीजा देने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके चलते टीम का पूरा सपोर्ट सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

इतना ही नहीं, वर्ल्ड कप का आगाज होने से ठीक पहले ईरान के फुटबॉल महासंघ (FFIRI) ने आधिकारिक तौर पर आरोप लगाया था कि विश्व कप मैचों के लिए उनके देश के प्रशंसकों के लिए जो रिजर्व टिकट तय किए गए थे, उस कोटे का एक बड़ा हिस्सा आखिरी वक्त पर वापस ले लिया गया। इस फैसले से उन तमाम ईरानी फुटबॉल प्रेमियों को बहुत बड़ा झटका लगा है, जिन्होंने महीनों पहले ही अमेरिका की यात्रा और होटलों की बुकिंग कर ली थी। ईरानी संघ का मानना है कि समर्थकों को उनके टिकट कोटे से महरूम करना खेल भावना के पूरी तरह खिलाफ है।

अगले दौर में बेल्जियम और मिस्र जैसी महाशक्तियों से है भिड़ंत

न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया यह मैच ड्रॉ होने के बाद अब ईरान की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ने वाली हैं। ग्रुप स्टेज के अगले मुकाबलों में ईरान का सामना फुटबॉल जगत की दो सबसे मजबूत टीमों—बेल्जियम और मिस्र से होने जा रहा है। पहले मैच में अंक बांटने के बाद अब टीम मैनेजमेंट और खिलाड़ियों पर अगले दोनों ही नॉकआउट जैसे मुकाबलों में हर हाल में जीत दर्ज करने और अपने खेल का स्तर सुधारने का भारी मानसिक दबाव बढ़ गया है।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें