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कैसे बदलेंगे ओपीडी के हालात, मरीज हो रहे परेशान

गंभीर मरीजों को वार्ड तक ले जाने के लिए परिजनों को करनी पड़ती है मशक्कत..

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उज्जैन। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं और लापरवाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। स्टाफ की लेटलतीफी के कारण जहां मरीजों को डॉक्टरों को ढूंढना पड़ता है तो ओपीडी में आने वाले गंभीर मरीजों को वार्ड तक ले जाने में परिजनों को ही मशक्कत करना पड़ रही है।

शनिवार सुबह रामसिंह निवासी राघोपिपल्या को सांप ने डंस लिया था। परिचित लोग उसे गंभीर हालत में एम्बुलेंस से जिला अस्पताल की ओपीडी में लेकर पहुंचे यहां मौजूद डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद रामसिंह को वार्ड में भर्ती कर दिया लेकिन उसकी हालत गंभीर होने के कारण स्ट्रेचर या व्हील चेयर की आवश्यकता थी जो नहीं मिले।

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करीब 10 मिनिट तक यहां वहां तलाश करने के बाद भी जब साधन नहीं मिला तो परिजन उसे बाइक पर बैठाकर इमरजेंसी के गेट तक ले गये। वहां से पैदल चलाकर वार्ड तक लेकर पहुंचे।

सिर्फ तीन व्हील चेयर है पूरे अस्पताल में…. मरीजों को ओपीडी से वार्ड तक ले जाने या वार्ड के मरीजों की सुविधा के लिये पूरे जिला चिकित्सालय में कुल तीन व्हील चेयर हैं। यदि एक साथ अधिक मरीजों को व्हील चेयर की जरूरत पड़े तो परिजनों को उसे दूसरे वार्डों से ढूंढकर लाना पड़ता है। जबकि ओपीडी के गेट पर रखे दो स्ट्रेचर में एक टूट चुका है और दूसरा कभी मिलता ही नहीं है।

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