तपोभूमि चौराहे पर ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए बनेगा फ्यूचरिस्टिक सर्कुलेशन प्लान

संभागायुक्त और कलेक्टर ने किया ऑन-स्पॉट मुआयना, निर्माण कार्य की भी जांची रफ्तार
उज्जैन। शहर का तपोभूमि चौराहे को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है जिससे न सिर्फ सिंहस्थ बल्कि आने वाले कई बरसों तक यहां ट्रैफिक जाम की स्थिति नहीं रहे। फ्यूचरिस्टिक सर्कुलेशन प्लान के तहत यहां इंदौर रोड, देवास रोड से आने-जाने वाले वाहनों को इस तरह एडजस्ट किया जाएगा कि किसी भी रोड पर वाहनों की कतार लगने की स्थिति नहीं बने।
बुधवार को सिंहस्थ मेला अधिकारी संभागायुक्त आशीष सिंह तथा कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने अमले के साथ इंदौर रोड स्थित तपोभूमि चौराहे का निरीक्षण किया। इसके साथ ही अधिकारियों ने इंदौर रोड पर चल रहे अंडरपास निर्माण कार्य की जमीनी प्रगति का भी जायजा लिया। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), एमपीआरडीसी, पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग के तमाम आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
क्रैश पॉइंट और बॉटलनेक खत्म करने का रोडमैप तैयार
तपोभूमि चौराहे पर वर्तमान यातायात की स्थिति, सड़कों की चौड़ाई और भविष्य में सिंहस्थ के दौरान बढऩे वाले दबाव का बारीकी से आकलन किया गया। विशेष रूप से इंदौर, भोपाल, बदनावर और देवास की ओर से उज्जैन में प्रवेश करने वाले वाहनों के सुरक्षित आवागमन के लिए एक नए सर्कुलेशन प्लान पर मंथन हुआ। संभागायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभिन्न दिशाओं से आने वाले वाहनों के रूट इस तरह डिजाइन किए जाएं कि मुख्य चौराहों पर कहीं भी गाडिय़ों की कतारें न लगें।
मौके पर मौजूद तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों के साथ अधिकारियों ने फ्लाईओवर, रोटरी रीडिजाइनिंग और अंडरपास जैसे कई तकनीकी विकल्पों पर चर्चा की। अधिकारियों ने सख्त हिदायत दी है कि प्लान केवल सिंहस्थ के एक महीने को ध्यान में रखकर न बनाया जाए, बल्कि यह उज्जैन के अगले 20-30 साल के विकास और ट्रैफिक लोड को संभालने में सक्षम होना चाहिए।









