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पति-पत्नी में नहीं बनती तो तुलसी विवाह पर करें ये काम

हिंदू धर्म के अनुसार, 25 नवंबर देवउठनी ग्यारस या हरि प्रबोधिनी या देवोत्थान एकादशी का शुभ मुहूर्त है। इस दौरान हिंदू रीति रिवाज के साथ तुलसी विवाह प्रारंभ होगा। इस दौरान कोई भी मंगल कार्य करना बेहद शुभ माना जाता हैं। कुछ महिलाएं इस दिन व्रत भी करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस शुभ दिन पर खास उपाय करने से वैवाहिक जीवन में सुख शांति बनी रहती है। वहीं कुंवारे लोगों की शादी के संयोग खुलते हैं और उन्हें उनका मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। तो चलिए जानते हैं उन उपायों के बारे में.

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लाल रंग की चुनरी तुलसी माता को करें अर्पित

तुलसी विवाह का दिन बेहद शुभ होता है। मनचाहा वर पाने के लिए इस शुभ अवसर पर माता तुलसी को लाल को रंग की चुनरी आर्पित करें। जिसके बाद अगले दिन उसी चुनरी को अपने पास संभाल कर रखें। इस उपाय से मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होगा।

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सुहागिन स्त्री को दान करें शृंगार

दांपत्य जीवन में मधुरता और प्रेम बनाए रखना चाहते हैं तो तुलसी विवाह के दिन माता तुलसी को जो श्रृंगार चढ़ाया जाता है उसे किसी सुहागिन स्त्री को दान कर दें।

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शाम को जलाएं दीपक

तुलसी के पौधे के नीचे शाम के समय देसी घी या फिर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। याद रखें रोजाना आपको तुलसी के पौधे के नीचे दीपक जलाना होगा। इस उपाय को करने से वैवाहिक जीवन में सुख शांति बनी रहेगी।

108 बार करें इस मंत्र का जाप

वैवाहिक जीवन में चल रहे लड़ाई-झगड़े को दूर करने के लिए तुलसी विवाह के शुभ दिन पर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे शादीशुदा जिंदगी में चल रहे क्लेश खत्म हो जाएंगे और सुख-शांति बनी रहेगी।

भगवान विष्णु को अर्पित करें ये चीजें

अविवाहित लोग मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए भगवान विष्णु जी के मंदिर में सात साबुत हल्दी की गांठ, केसर, गुड़ और चने की दाल को पीले कपड़े में बांधकर उन्हें आर्पित करें। इस उपाय से आपकी हर मनोकामना पूरी होगी।

तुलसी विवाह का आयोजन करवाएं

अगर शादी नहीं हो रही है या उसमें दिक्कतें आ रही हैं तो तुलसी विवाह के दिन व्रत रखें। इसके बाद भगवान शालिग्राम और तुलसी माता के विवाह का विधिवत आयोजन करवाएं। इस उपाय से शादी होने में आ रहीं समस्या खत्म हो जाएगी।

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