8 नवंबर को ही दीपावली मनाना शास्त्र सम्मत, तिथि से भाईदूज 11 को रहेगी

स्मृति विज्ञान अवंतिका शोध समिति की बैठक में विक्रम संवत 2083 के लिए दीपोत्सव पर्व की तिथि और मुहूर्त तय
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सनातनियों का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली नजदीक है। इस बार तिथियों के कारण महालक्ष्मी पूजन को लेकर संशय की स्थिति साफ हो गई है। स्मृति विज्ञान अवंतिका शोध समिति ने विक्रम संवत 2083 के लिए दीपावली की तारीख घोषित कर दी है। अवंतिका क्षेत्र में दिवाली पूजन 8 नवंबर को ही करना ठीक है।
दरअसल अवंतिका (उज्जैन) के जिज्ञासु सनातनीय धर्मशास्त्र एवं ज्योतिष के साथ व्रत-पर्व एवं सनातन धर्म के संरक्षण के लिए कार्यरत स्मृति विज्ञान अवंतिका शोध समिति हर साल दीपोत्सव के निर्णय की जानकारी अपने प्रकाशन के माध्यम से देती है। धर्म के जानकार एकत्र होते हैं और सही तारीख का निर्धारण करते हैं। इसी कड़ी में समिति की बैठक आयोजित की गई। मीटिंग में अध्यक्ष दुर्गेश तारे, उपाध्यक्ष रितेश पांडे, सचिव पं. रामचंद्र नायक, पं. राजेश उपाध्याय, पं. रवि दुबे, पं. सर्वेश शर्मा, पं. नितिन समाधिया, पं.धर्मेंद्र शर्मा और हर्षित शर्मा शामिल हुए। विद्वानों ने मिलकर दीपपर्व की तारीख तय की।
क्या तय हुआ
1 धनतेरस- 6 नंवबर को होगी। इस दिन कर्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर भगवान धन्वंतरि का पूजन किया जाएगा। सायं प्रदोषकाल में यमप्रीत्यर्थ दीपदान करना चाहिए।
अभिजीत मुहूर्त
11.48 से 12.33
औषधि क्रय मुहूर्त
9.23 से 10.47 तक शुभ
गादी मुहूर्त खाते-बही 12.10 से 1.34 तक शुभ
वाहन खरीदी- 4.21 से 5.45 सांय
2 यमचतुर्दशी- 7-8 नवंबर को कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी है। इस दिन यम तर्पण करना चाहिए। दक्षिण दिशा में चौमुखा दीप सायं काल मे यम के नाम दान करना चाहिए। विष्णु शिव मंदिरों में दीपवाली मनाना चाहिए। नरक चतुर्दशी रूप चौदस का स्नान 8 नवंबर को करना ठीक रहेगा। प्रात: अभ्यंग स्नान , सूर्योदय पूर्व तैलाभ्यंग करना सुखप्रद है।
नर्क चतुर्दशी के दिन तिलतेल में लक्ष्मी तथा जल में गंगा का वास रहता है, जो मानव इस दिन सूर्योदय पूर्व तैल अभ्यंग स्नान करके दीप दान करते है वे यमलोक का दर्शन नहीं करते है।
3 महालक्ष्मी पूजन – 8 नवंबर को अमावस्या रहेगी। मध्याह्न 11. 28 मिनट पर कार्तिक अमावस्या लगेगी। इस दिन सायं प्रदोष काल में लक्ष्मी गणपति दीप कुबेर पूजन करना शास्त्र सम्मत है।
मुहूर्त- प्रदोषकाल में गणपति, लक्ष्मी, कुबेर, खाता, बही, गाय, दीप का पूजन करना शुभ रहेगा।
शाम 5.44 से 7.21 का समय पूजन के लिए सबसे उपयुक्त है।
स्थिर लग्न- शाम 6.10 से 8.10 तक रहेगा।
अमृत घड़ी- शाम 7.21 से 8.57 मिनट तक रहेगी।
4 गोवर्धन पूजा– 9 नवंबर को प्रतिपदा तिथि रहेगी। इस दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट करना चाहिए।
5 भाई दूज- 11 नवंबर को रहेगी। इस दिन चित्रगुप्त पूजन करना शास्त्र सम्मत है।









