“मनी मैनेजमेंट” के बाद अब, होर्डिंग्स से प्रदेश धन कुबेर का “शक्ति” प्रदर्शन

क्रिकेट और राजनीति में एक बात सामान है कि कब क्या हो जाए पता नहीं। दूसरा मैदान में बने रहने के लिए कुछ न कुछ करना ही होगा।

अब इसका उदाहरण हमारे शहर में होर्डिंग पॉलटिक्स से सामने आ गया। ऐसा ही कुछ दक्षिण में निवासरत, प्रदेश स्तर के एक नेताजी ने किया है।
नेताजी किस क्षेत्र से विधायक बनना चाहते है यह उनके होर्डिंग्स और पोलिटिकल प्लानिंग से सामने आ गया है। नगर सरकार, महापौर और पार्षदों के शपथ ग्रहण और स्वागत-अभिनंदन के लिए शहरभर में नेता जी की ओर से होर्डिंग्स लगाए गए है।
खास बात यह कि होर्डिंग्स का एक बड़ा हिस्सा उज्जैन उत्तर में खपाया गया है। दक्षिण में निवास होने पर भी ज्यादा होर्डिंग्स उत्तर में लगे होना यह बयां कर रहे है की भाजपा के प्रदेश धनकुबेर की महत्वाकांक्षा किस क्षेत्र से चुनाव लडऩे की है। संभव है की उनकी यह प्लानिंग वर्तमान जनप्रतिनिधियों को ‘उत्तम’ ना लगे।
उच्चशिक्षा में केमेस्ट्री की अलग विधा में विशेष योग्यता रखने वाले नेताजी बिल्डर और कॉलोनी काटने में भी दक्ष-निपुण है। इनकी सोशल और पोलिटिकल केमेस्ट्री भी उम्दा है।
राजनीति में उच्च पद पाने की ललक के साथ प्रबंध और जोड़-तोड़ में माहिर नेता जी का बैकग्राउण्ड तो ग्रामीण क्षेत्र का है। पढऩे और कुछ कमाने की इच्छा से गांव छोड़कर शहर आए और विद्यार्थी परिषद से छात्र राजनीति में पहला कदम रखा और ऐसे रम गए कि यहीं के हो गए।
नेताजी ने नगर प्रमुख रहते लोकशक्ति भवन के निर्माण में पार्टी फंड की बजाए अपनी स्वयं की प्रबल धनशक्ति से भवन का निर्माण किया। पार्टी के कर्ताधर्ताओं को यह बात पता थी, सो पार्टी ने प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी दे दी। संगठन स्तर पर प्रदेश की राजधानी तक का सफर तय करने के बाद अब वे सत्ता में हिस्सेदार बनना चाहते हैं। यह उनकी बहुत पुरानी इच्छा है जो 2018 के चुनाव में भी देखने को मिली थी।









