सिस्टम की लापरवाही : आज फिर पुराने शहर में नहीं हुआ जलप्रदाय…

उज्जैन। सिस्टम की लापरवाही के कारण पुराना शहर रोज प्यासा रह जा रहा है। ढाबा रोड पर टूटी पाइप लाइन के मरम्मत देरी से होने के कारण शुक्रवार रात कई टंकियां नहीं भर पाईं। ऐसे में शनिवार को लोग पानी के लिए भटकते रहे। गर्मी के मौसम में भू-जलस्तर नीचे गिरने से हैंडपंप- बोरिंग भी नहीं चल रहे हैं। ऐसे में लोग पानी के लिए हाय-हाय कर रहे हैं।
ढाबा रोड पर शुक्रवार तड़के हरियाखेड़ी प्रोजेक्ट का काम कर रही कंपनी की पोकलेन ने गंभीर की मेन राइजिंग लाइन तोड़ दी थी। टूटी पाइप लाइन की मरम्मत शुक्रवार दोपहर 2 बजे पूरी हुई। इसके तीन घंटे बाद टंकियां भरने का काम चालू हुआ लेकिन रात तक पुराने शहर की कई टंकियां नहीं भर सकीं।
इस परेशानी को सुबह बूस्टिंग के समय बंद हुई लाइट ने और बढ़ा दिया। करीब 20 मिनट के लिए बंद हुई लाइट के कारण बूस्टर पंप नहीं चले और पानी आगे नहीं बढ़ सका। इसके चलते लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचा। गर्मी के मौसम में लोग पानी के लिए परेशान होते रहे। नाराज लोग जलकार्य समिति प्रकाश शर्मा के घर पहुंच गए और अव्यवस्था को कोसने लगे। कुछ ऐसी ही स्थिति पार्षदों की रही, उन्हें भी लोगों ने घेर लिया। इस सबके बीच पीएचई के अफसर नदारद हो गए।
महापौर से लेकर के जलप्रदाय प्रभारी तक विवश
आखिर क्यों हो रही दिक्कत
1. निर्माण कार्य- शहर में सिंहस्थ के तहत सड़क चौड़ीकरण के कार्य चल रहे हैं। बारिश के पहले काम समेटने के लिए ठेकेदार जमकर तुड़ाई कर रहे हैं और इस चक्कर में पाइप लाइन फूट रही है।
2. समन्वय की कमी शहर में चौड़ीकरण के अधिकतर काम नगर निगम के पास है। निगम के लोक निर्माण विभाग और पीएचई अफसरों के बीच तालमेल नहीं है।
3. विद्युत वितरण कंपनी से समन्वय नहीं- पीएचई और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कपंनी के बीच भी तालमेल की कमी है। कंपनी जब चाहे शटडाउन ले लेती है। इस वजह से जलप्रदाय व्यवस्था के पंप भी कभी भी बंद हो जाते हैं।
तालमेल बैठाएंगे
शहर में पानी की कमी नहीं है। गंभीर और नर्मदा दोनों का जल उपलब्ध है। मगर विभागीय अफसरों के बीच तालमेल नहीं होने से डिस्ट्रीब्यूशन की समस्या आ रही है। समस्या का निदान जल्दी ही बैठक बुलाकर करेंगे।
मुकेश टटवाल, महापौर
पाइप लाइन फूटने के कारण दिक्कत आई
जलकार्य समिति प्रभारी प्रकाश शर्मा और एमआईसी सदस्य रजत मेहता कहते हैं कि पाइप लाइन फूटने के कारण समस्या आई। कल समय से जलप्रदाय होगा।









