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13 हजार वर्गफीट में बिछा हीट प्रूफ पाथ-वे, गर्मी से मिलेगी राहत

गर्मी को देखते हुए नीलकंठ द्वार से बड़ा गणेश मंदिर तक किया जा रहा सोलर रिफ्लेक्टिव पेंट

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत भरी व्यवस्था की है। अब मंदिर दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को तपते फर्श पर नंगे पैर चलने की समस्या से निजात मिलेगी। मंदिर परिसर और श्री महाकाल महालोक में हीट प्रूफ पाथ-वे का निर्माण किया जा रहा है।मंदिर प्रशासन द्वारा लगभग 13 हजार स्क्वेयर फीट क्षेत्र में सोलर रिफ्लेक्टिव पेंट की कोटिंग की जा रही है। नीलकंठ द्वार से पंचमुखी हनुमान मंदिर तक तथा मानसरोवर भवन से होते हुए शंख द्वार तक व बड़ा गणेश मंदिर मार्ग तक यह कोटिंग की गई है। यह वो रूट है जिस पर दर्शनार्थियों की आवाजाही अधिक होती है।

ऐसे काम करेगा हीट प्रूफ पाथ-वे

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सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिय़ा के अनुसार, पाथ-वे पर विशेष सोलर रिफ्लेक्टिव कोटिंग की जा रही है, जो सूर्य की किरणों को परावर्तित कर देती है। इस विशेष पेंट के उपयोग से तपती धूप में भी फर्श का तापमान नियंत्रित रहता है, जिससे श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के सहजता से जमीन पर चल सकते हैं। पेंट के कारण तपती फर्श पर गर्माहट महसूस नहीं होती। विशेष रूप से प्रवेश और निर्गम मार्ग पर यह व्यवस्था काफी आरामदायक सिद्ध होगी।

भक्तों की सुरक्षा पर फोकस

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मंदिर समिति प्रशासक प्रथम कौशिक का कहना है कि गर्मी के मौसम में अक्सर श्रद्धालुओं को गर्म पत्थरों पर चलने में काफी असुविधा होती थी। प्रवेश और निर्गम मार्गों पर इस व्यवस्था के होने से अब बच्चे, बुजुर्ग और अन्य श्रद्धालु बिना किसी कष्ट के सहजता से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। भक्तों की सुरक्षा और आरामदायक दर्शन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

अभी तक मेटिंग को गीला कर चलाते थे काम

जिस मार्ग पर सोलर रिफ्लेक्टिव पेंट की कोटिंग की जा रही है, वहां पहले मंदिर प्रशासन मेटिंग बिछा कर उसे पानी से गीला रखती थी, ताकि दर्शनार्थियों के पैर नहीं जले। नई तकनीक से मेटिंग का खर्च बचने के साथ ही पानी की भी बचत होगी।

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