गोरकर बंधु हत्याकांड: दो हिस्ट्रीशीटर का शॉर्ट एनकाउंटर

पुलिस वाहन से भागे थे
उज्जैन। करीब दो महीने पहले नीलगंगा चौराहे पर रेस्टोरेंट संचालक गोरकर बंधुओं की हत्या करने वाले दो हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इन्हें पकड़कर वाहन से थाने ला रही थी और इस दौरान यह कूद गए। दावा है कि इसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी और दोनों घायल हो गए। अस्पताल में इनका उपचार जारी है।
दरअसल, हरसिद्धि रेस्टोरेंट के संचालक लोकेश और जीतेश (जय)की नीलगंगा की कुख्यात पांसी गैंग के सदस्यों ने हत्या कर दी थी। 18 जुलाई की रात पुराने विवाद में दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए थे। तब गोलियां और चाकू चले थे। लोकेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था,जबकि जीतेश ने अस्पताल में। इनके ताऊ भाजपा नेता दिलीपराव गोरकर और उनका बेटा तपेश भी बुरी तरह घायल हुए थे। पुलिस ने करीब 1 दर्जन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था लेकिन सोनू पासी और विजय सूर्यवंशी दोनों फरार थे।
करोहन में छिपे थे
यह लोग सोनू की करोहन में रहने वाली बहन के घर छिपे थे। नीलगंगा पुलिस की टीम ने दोनों को दबोच लिया था। इन्हें पुलिस वाहन में बैठाकर थाने लाया जा रहा था, इसी दौरान यह वाहन से कूद गए। पुलिस ने गोली चलाई , जो इनके पैरों में लगी। दोनों घायल हैं। अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।
सोनू पर 14, विजय पर 2 केस
सोनू पासी आदतन अपराधी है। उस पर नीलगंगा और महाकाल थाने में 14 अपराध दर्ज हैं।यह अपराध आम्र्स एक्ट, अवैध शराब बेचनेे के हैं। इसी तरह विजय पर दो केस दर्ज हैं। इनमें से एक नागझिरी और दूसरा माधवनगर में है।
आरोपियों ने भागने का प्रयास किया: आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया था। बचाव में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जो उनके पैरों के नीचे लगी है। आज दोनों को कोर्ट पेश कर रिमांड मांगेंगे।उनसे संरक्षण देने वालों की जानकारी ली जाएगी।
प्रदीप शर्मा एसपी









