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उज्जैन:आज लॉ में पीएचडी एडमिशन के लिए आरएसी

पीएचडी एग्जाम में धांधली : डीन ने तीन सदस्यों के भी रिजल्ट पर किए हस्ताक्षर

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उज्जैन।विक्रम विश्वविद्यालय में पीएचडी एग्जाम के नाम पर जबरदस्त धांधली की जा रही है। जितने पदों के लिए विज्ञापन निकाला उससे ज्यादा आवेदकों को पास कर दिया गया है। ताकि गाइड बढ़ाकर उन्हें एडमिशन दिया सके। जबकि नियम के मुताबिक जितने पद के लिए आवेदन दिया जाता है उससे दो गुना आवेदकों को आरएसी के लिए आमंत्रित किया जाता है। नियम के विपरीत काम करने से देश भर में योग्य आवेदकों का अवसर छीन लिया गया है।

इसके पीछे कुछ रसूखदार लोगों का हाथ बताया जा रहा है। मंगलवार को लॉ विभाग की आरएसी है। इसमें 3 पदों के लिए 22 को बुलाया गया है। लॉ की एग्जाम का जो रिजल्ट जारी किया गया है, इसमें आरोप लगाया जा रहा कि डीन ने तीन अन्य सदस्यों के हस्ताक्षर करके रिजल्ट घोषित कर दिया। दावा किया जा रहा है कि इसमें से दो तो पहुंचे ही नहीं थे। इस संबंध में एसएन शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया था, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

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एजुकेशन विभाग में रुकी धांधली
अक्षरविश्व ने एजुकेशन विभाग में धांधली किए जाने का खुलासा किया था, इसके बाद संबंधित प्रोफेसरों ने मामले में पारदर्शिता के तहत योग्य उम्मीदवार को चयन किया। इससे यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल होने से बच गई। क्योंकि यहां भी एक रसूखदार अपने ही विभाग की प्रोफेसर को पीएचडी के लिए सिलेक्ट करने की योजना पर काम कर रहे थे।

कार्य परिषद मेंबर फेल, ओएसडी का बेटा पास
बताया जाता है कि पीएचडी के लिए यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद सदस्य ने एग्जाम दी थी, लेकिन वह फेल हो गई। वहीं एक मंत्री के ओएसडी का बेटा पास हो गया है। इन ओएसडी का विश्वविद्यालय में जबरदस्त दखल है। इसको लेकर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। जांच करने पर सच्चाई सामने आ सकती है।

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