जलसंकट की आहट, तेज गर्मी से मई तक बिगड़ सकते हैं हालात

गंभीर डेम पर 120 दिन का पानी, हालात बिगड़े तो नर्मदा योजना का ही सहारा

उज्जैन। शहर की जल प्रदाय व्यवस्था का प्रमुख स्त्रोत गंभीर डेम अब सूख रहा है। जलस्तर तेजी से गिर रहा है। बढ़ते तापमान और दैनिक आपूर्ति के कारण वर्तमान में बांध में करीब 1200 एमसीएफटी पानी शेष बचा है जो कि आंकड़ों के मुताबिक अगले 100 से 120 दिन तक जल सप्लाई कर सकता है। लेकिन तेज गर्मी का असर लंबे समय तक रहा तो पानी पहले ही हवाहवाई (वाष्पीकरण) हो सकता है। ऐसे में अप्रैल खत्म होते-होते ही जलसंकट की शुरुआत की नौबत आ सकती है।
आंकड़े बताते हैं कि इन दिनों गंभीर डेम में करीब 1200 एमसीएफटी पानी शेष है। रोज जलप्रदाय के लिए करीब 9 से 10 एमसीएफटी पानी की जरूरत होती है। इसमें वर्तमान हालात के मुताबिक सीपेज और लीकेज भी शामिल हैं। ऐसे में डेम में करीब 120 दिन सप्लाय लाइक पानी मौजूद है। लेकिन वर्तमान में जिस तरह 35 डिग्री से अधिक का तापमान बना हुआ है उसे देखकर साफ है कि वाष्पीकरण के कारण 120 दिन का पानी 60-70 दिन में ही साथ छोड़ दे।
जून तक करना है सप्लाई
बारिश की शुरुआत जून मेें होती है। कभी-कभी जून के आखिरी मेें भी नदी का जलस्तर बढऩे लायक बारिश नहीं होती। ऐसे में नगर निगम को अगले 120 दिन से अधिक दिनों तक जल सप्लाई की व्यवस्था बनाकर रखना है। जल स्टॉक, तेज गर्मी और जून तक सप्लाई के हालात को देखते हुए साफ है कि अप्रैल शुरू होते ही शहर मेें एक दिन छोड़कर जल सप्लाई के हालत बन सकते हैं।
नर्मदा पर उम्मीद लेकिन तैयारी जरूरी
नगर निगम के जिम्मेदार जल व्यवस्था को लेकर आश्वस्त हैं। इनकी उम्मीद नर्मदा जल पर टिकी है। शहर को जल संकट से बचाने के लिए नर्मदा-गंभीर जल प्रदाय योजना के तहत इंटकवेल और पंप हाउस का निर्माण पूरा हो चुका है। दावा किया जा रहा है कि यदि बांध सूखता है, तो नर्मदा का पानी लाकर आपूर्ति की जा सकेगी। लेकिन इसके पहले पाइप लाइन की टेस्टिंग अभी से करना जरूरी है क्योंकि साल 2019 में 139 करोड़ रुपए खर्च कर बिछाई जा चुकी नर्मदा पाइपलाइन के बावजूद पिछले साल जल संकट झेलना पड़ा था।
जलसंकट के आसार नहीं, सहेजने के प्रयास शुरू
वर्तमान में जलसंकट के आसार नहीं दिख रहे हैं। गंभीर डेम पर जो पानी बचा है उसे सहेजने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। कलेक्टर महोदय को पत्र लिखकर गंभीर का जल संरक्षित घोषित कराएंगे। साथ ही शहर में भी जल दुरुपयोग पर रोक लगाने की तैयारी है। अगर गंभीर डेम में पानी की कमी होती है तो नर्मदा योजना से पानी लेंगे। शहर में पानी रोज देना है या एक दिन छोड़कर यह निर्णय पूरी परिषद सामूहिक रूप से तय करेगी।
-प्रकाश शर्मा, अध्यक्ष जलकार्य समिति









