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चार दिन में 104 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी के प्रकरण दर्ज

उपभोक्ताओं पर लगा 24 लाख रुपए का जुर्माना…

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उज्जैन।विद्युत वितरण कंपनी द्वारा चोरी और बिजली के अनाधिकृत उपयोग को रोकने के लिए पिछले चार दिनों से शहर में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान पश्चिम शहर संभाग के अंतर्गत 60 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए है। वहीं, 104 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी करते हुए पकड़े जाने पर केस बनाए गए हैं।

विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री राजेश हारोड़ ने बताया कि चैकिंग अभियान के दौरान टीम द्वारा सबसे पहले कटिया डालकर बिजली चोरी करने वालों को पकड़ा गया।

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इसके बाद मीटर में छेड़छाड़ करने वालों को टारगेट किया गया। बताया जाता है कि जिन 60 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं वे सभी 10 हजार से अधिक के बकायादार हैं। साथ ही जिन उपभोक्तओं के मीटरों में गड़बड़ी पाई गई उन्हें जब्त कर टेस्टिंग के लिए लेब पहुंचाया गया है।

यह है प्रावधान

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धारा 135 में कंपनी को अधिकार दिया गया है कि अगर कोई व्यक्ति लाइन से सीधे तार डालकर बिजली जा रहा है तो उस पर इस धारा के तहत केस दर्ज किया जा सकता है। कोर्ट में साबित होता है तो उपभोक्ता को 6 महीने का की सजा होती है और बिल भी जमा करना पड़ता है।

अगर किसी उपभोक्ता का लोड 1000 किलो वाट स्वीकृत किया गया है और वह 1500 किलो वाट लोड उपयोग कर रहा है। इस स्थिति में धारा 126 के तहत केस दर्ज किया जाता है। इस धारा के तहत दर्ज केसों का परिवाद कोर्ट में पेश नहीं किया जाता है।

अगर किसी उपभोक्ता पर धारा 135 के तहत केस दर्ज होने के बाद फिर से कनेक्शन जोड़ लेता है और फिर चोरी पकड़ी जाती है तो धारा 138 में केस दर्ज किया जाता है।

विरोध के बाद बिजली कनेक्शन में बैंक खाते की जानकारी जरूरी नहीं

उज्जैन। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने नए बिजली कनेक्शन आवेदन के साथ बैंक खाते की जानकारी देना भी जरूरी कर दिया था। विरोध होने पर इस अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। नए बिजली कनेक्शन के लिए बिजली कंपनी द्वारा आवेदकों से कैंसिल चेक और अधिकृत बैंक खाते का नंबर अब नहीं मांगा जाएगा।

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली कनेक्शन के ऑनलाइन आवेदन में कैंसिल चेक और अधिकृत बैंक खाते का नंबर दोनों जानकारी मांगना शुरू कर दी थी। कई आवेदक खाता नंबर नहीं डाल रहे थे न ही कैंसल चेक दे रहे थे। इस कारण फॉर्म मंजूर नहीं हो रहे थे।

लोगों का कहना था कि चेक और खाता नंबर गोपनीय दस्तावेज है। बिजली कंपनी इसके पहले शहर में कनेक्शन दे चुकी है, लेकिन कभी किसी से खाता नंबर नहीं पूछा। लोगों का विरोध होने पर कंपनी ने नए कनेक्शन, शिकायत, बिल भरने के लिए बनाए गए ऊर्जस एप पर कनेक्शन वाले फॉर्म से उक्त दोनों जानकारी वाले कॉलम हटा दिए हैं।

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