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विद्युत कंपनी का कारनामा….उपभोक्ता से वसूली की मेंटेनेंस राशि आधी भी खर्च नहीं की

विद्युत कंपनी का कारनामा….उपभोक्ता से वसूली की मेंटेनेंस राशि आधी भी खर्च नहीं की

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मेंटेनेंस के लिए 206.12 करोड़ उपभोक्ता से वसूले, खर्च किए 152.40 करोड़

उज्जैन।सेवा सुधार के नाम पर उपभोक्ताओं से वसूली गई राशि को कंपनी ने खर्च करने में कंजूसी कर दी। बिजली कंपनी ने वर्ष 2021-22 की सत्यापन याचिका में बताया कि उसने बिजली उपभोक्ताओं से मेंटेनेंस के नाम पर 733.51 करोड़ रुपये वसूले थे, लेकिन इस मद में महज 394.27 करोड़ रुपये खर्च किया गया। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (उज्जैन-इंदौर संभाग) ने मेंटेनेंस के लिए 206.12 करोड़ उपभोक्ता से वसूले, लेकिन खर्च सिर्फ 152.40 करोड़ रुपए किए।

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मेंटेनेंस के लिए वसूली और खर्च राशि का खुलासा मप्र विद्युत नियामक आयोग को दिए सत्यापन याचिका में किया गया है। आयोग ने इस सत्यापन याचिका पर 19 जनवरी 2023 तक आपत्तियां मंगाई है। इस मामले में 27 जनवरी को जनसुनवाई रखी गई है।

जानकारों के अनुसार बिजली उपभोक्ताओं से संचालन और संधारण मद में यह राशि ली जाती है। इसमें उपभोक्ता सुधार के नाम पर बिजली कंपनी ने यह राशि मप्र विद्युत नियामक आयोग से स्वीकृत करवाई थी।

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इसमें बिजली ट्रिपिंग की समस्या हो, खराब व जले मीटर बदलने की बात हो, बार-बार बिजली गुल होने की समस्या हो, लाइन स्टाफ को सुरक्षा उपकरण देने की बात हो अथवा मीटर की रीडिंग व समय पर बिजली बिल पहुंचाने की समस्या आदि के लिए यह राशि खर्च होनी थी।

आए दिन बिजली कंपनी के कर्मचारी सुरक्षा उपकरणों की कमी का रोना रोते हैं। इधर कंपनी प्रबंधन भी फंड की कमी का हवाला देकर काम नहीं करवाती है। जबकि कंपनी के पास करोड़ों रुपये का फंड है। रिपेयर एवं मेंटेनेंस पर कंपनीवार खर्च

वितरण कंपनी वसूली की मंजूरी वास्तविक खर्च

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 291.37 करोड़ 126.33

पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 236.02 करोड 115.54

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 206.12 करोड़ 152.40 करोड़

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