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गार्ड की हत्या में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन नीलगंगा थाना क्षेत्र में पहले लॉकडाउन के दौरान निजी हॉस्पिटल के गार्ड की हत्या हुई थी। मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश शशिकांत वर्मा की कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या की मुख्य षड्यंत्रकर्ता मृतक की बहन है। जिसने उसके घर एक युवक के आने-जाने को लेकर आपत्ति लेने पर भाई की हत्या करवाई थी।

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घटना 27 अप्रैल 2020 की है। गार्ड अशोक चौहान की विवेकानंद कॉलोनी मार्ग पर स्कूटी से आए दो बदमाशों ने चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। अशोक ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, लेकिन अपना मोबाइल भूल गए थे। उनकी बेटी मोबाइल देने के लिए पीछे आ रही थी। उसने हमलावरों को पिता की हत्या करते हुए देखा और पहचान लिया। क्योंकि हमलावर शेरू नामक एक युवक उसकी बुआ राजकुमारी के घर आता-जाता था।

सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और विवेचना शुरू की। बेटी के बयान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने शेरू, गोविंद, और राजकुमारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। पुलिस की विवेचना में यह तथ्य सामने आया था कि मृतक की बहन राजकुमारी के घर आरोपी शेरू आता था। इसका विरोध अशोक ने किया था। जिस पर बहन राजकुमारी ने ही शेरू और गोविंद के साथ मिलकर अशोक की हत्या का षडयंत्र रचा था।

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न्यायालय में 3 साल तक चली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट न अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी शेरू पिता राजू विश्वकर्मा, गोविंद पिता लालूसिंह और राजकुमारी चौहान को हत्या का दोषी माना। धारा 302,120 बी एवं 34 के तहत आजीवन कारावास एवं 5 हजार रु. अर्थदंड से दंडित किया। पैरवी एडीपीओ नीतेश कृष्णणएवं संध्या सोलंकी द्वारा की गई।

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