रूट अनुसार ई-रिक्शा चलाने में नियम के अड़ंगे आरटीओ अवकाश पर इसलिये चालान भी नहीं

परेशानी : चालकों को चरित्र सत्यापन कराने में आ रहे पसीने, जिम्मेदार नहीं ले रहे सुध

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन शहर में हजारों की संख्या में मनमर्जी से दौड़ रहे ई रिक्शा को नियंत्रित कर यातायात व्यवस्था सुधारने के प्रयास में लगे प्रशासन व पुलिस के अफसर 1 जून से रूट अनुसार संचालन के नियम का पालन नहीं करा पा रहे हैं वहीं दूसरी ओर ई रिक्शा संचालक को रूट प्राप्त करने के लिये आवश्यक कागजात तैयार कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण है कि उक्त नियम प्रभावी ढंग से तीन दिन बाद भी लागू नहीं हो पाया है।
अफसरों के मुताबिक शहर में फिलहाल लगभग 12 हजार के करीब ई रिक्शा संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश ई रिक्शा का रुख पुराने शहर के महाकाल मंदिर के आसपास, हरसिद्धी, चारधाम मंदिर, रामघाट, महाकाल चौराहा, गुदरी, छत्रीचौक, महाकाल लोक, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड की तरफ ही रहता है।
शहर के दूसरे हिस्सों में नाममात्र के ई रिक्शा संचालित होते हैं। इस कारण पुराने शहर के उक्त मार्गों की यातायात व्यवस्था बुरी तरह से बिगड़ चुकी है। दूसरे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों को भी सड़क पर चलने के लिये रास्ता नहीं मिलता। इसी के मद्देनजर कलेक्टर के निर्देश पर आरटीओ और यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से शहर के मार्गों पर रूट वाइस ई रिक्शा संचालन का नियम तैयार किया गया और 1 जून से इसे सख्ती से लागू करने की बात कही गई थी, लेकिन 3 जून तक भी उक्त ई रिक्शा पुराने तरीके से ही संचालित हो रहे हैं।
सभी वाहनों में नंबरिंग भी नहीं हुई
रूट प्राप्त करने के बाद ई रिक्शा मालिकों को यातायात थाने पहुंचकर रूट नंबर प्राप्त करना है और इस नंबर को अपने वाहन के आगे-पीछे आसानी से दिखने वाले स्थान पर रेडियम से लिखवाना है। अभी शहर में संचालित हो रहे कुल ई रिक्शा में से आधे वाहनों पर भी उक्त नंबर नहीं लिखे गये हैं। आरटीओ अवकाश पर हैं इस कारण यातायात पुलिस भी अभी सख्ती से रूट के नियम का पालन नहीं करा पा रही है। बताया जाता है कि ई रिक्शा संचालकों की मांग पर चरित्र सत्यापन के नियम में शिथिलता करने और रूट प्राप्त करने के निश्चित समय बाद तक उक्त कागज आरटीओ व थाने में जमा कराने पर अफसरों के बीच विचार विमर्श चल रहा है।
समझाइश दी जा रही है
1 जून से रूट वाइस अलग-अलग शिफ्ट में ई रिक्शा का संचालन शुरू करना था। ई रिक्शा चालकों को रोककर यातायात पुलिस द्वारा समझाइश दी जा रही है, लेकिन किसी प्रकार की सख्ती या चालानी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। आरटीओ के अवकाश से लौटने के बाद चरित्र सत्यापन वाले नियम में बदलाव पर चर्चा होना है। उन्हीं के मार्गदर्शन में रूट अनुसार ई रिक्शा संचालन और नियम का उल्लंघन करने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।
-दिलीप सिंह परिहार,
डीएसपी यातायात
रूट प्राप्त करने के नियम से मालिकों को परेशानी
आरटीओ द्वारा शहर में रूट वाईस ई रिक्शा संचालित करने के लिये वाहन मालिकों व ड्रायवरों से आवश्यक दस्तावेज जैसे वाहन का पंजीयन, रजिस्ट्रेशन, ड्रायवर का नाम, पता, लायसेंस सहित चरित्र सत्यापन भी चाहा गया है। चरित्र सत्यापन के लिये वाहन मालिक और ड्रायवर थानों के चक्कर काट रहे हैं। खास बात यह कि शहर में नाबालिग और ओवरएज भी ई रिक्शा चला रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जिन लोगों के आपराधिक रिकार्ड विभिन्न थानों में दर्ज हैं वह भी ई रिक्शा चलाने के काम में लग गये हैं ऐसे लोगों को थानों से चरित्र सत्यापन करवाना मुश्किल हो रहा है इस कारण यह लोग आरटीओ से रूट प्राप्त भी नहीं कर पा रहे लेकिन वाहनों का संचालन कर रहे हैं।









