सिंहस्थ से पहले बनेगा फोरलेन अंडरपास, अटका प्रोजेक्ट

30 करोड़ रुपए की योजना: सरकार दे चुकी राशि, लेकिन रेलवे की हरी झंडी का इंतजार
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की योजना के तहत जयसिंहपुरा रेलवे क्रॉसिंग के आसपास फोरलेन अंडरपास बनाने के लिए सरकार नगर निगम को पैसा दे चुकी लेकिन रेलवे के पास प्रोजेक्ट अटका होने से अभी तक इस पर काम शुरू नहीं हो सका है। हालांकि निगम प्रशासन इसके लिए रेलवे को 26 लाख रुपए की एक किस्त भी दे चुका है।
सिंहस्थ की बड़ी योजनाओं में रेलवे की धीमी चाल बड़ी बाधा बन रही है। आने वाला सिंहस्थ मध्यप्रदेश सरकार के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है, क्योंकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह गृह नगर है और वे योजनाओं के लिए अपना खजाना भी खोल रहे। इसी सिलसिले में सरकार ने जयसिंहपुरा में रेल पटरी के नीचे फोरलेन अंडरपास के लिए 30 करोड़ रुपए की योजना मंजूर की और इसके लिए नगर निगम को राशि भी दे दी है, लेकिन रेलवे से अंडरपास की तकनीकी ड्राइंग और डिजाइन मंजूर नहीं हो सकी है। सरकार ने इसका काम नगर निगम को सौंपा है और निगम प्रशासन ने रेलवे को 26 लाख रुपए की पहली किस्त भी जमा करा दी है ताकि रेलवे तकनीकी डिजाइन को हरी झंडी दे सके।
एप्रोच रोड बनाने का काम नगर निगम द्वारा किया जाएगा। प्रभारी कार्यपालन यंत्री पियूष भार्गव ने बताया रेलवे से प्रस्तावित योजना की ड्राइंग और डिजाइन मिलना बाकी है। इसके लिए रेलवे से लगातार संपर्क किया जा रहा है। रेलवे की तरफ से जैसे ही राशि की डिमांड की जाएगी, तुरंत उसे ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
चिंतामन और नृसिंह घाट के बीच होगी कनेक्टिविटी
फोरलेन अंडरपास बनने से चिंतामन और नृसिंहघाट के बीच सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। अभी जयसिंहपुरा रेलवे फाटक को पार करना पड़ता है। यह मार्ग महाकाल मंदिर से सीधा जुड़ता है, लेकिन फाटक बंद होने से लोगों को परेशानी आती है। सिंहस्थ के समय इस क्षेत्र में भीड़ का दबाव अधिक होता है। इस कारण सरकार ने इस योजना को स्वीकृति दी है। योजना के तहत मौजूदा रेलवे फाटक से दूर ज्ञानसागर स्कूल के पास अंडरपास बनाया जाना प्रस्तावित है। इससे यंत्र महल मार्ग और नृसिंहघाट मार्ग सीधे जुड़ जाएंगे। यंत्रमहल मार्ग चिंतामन गणेश मंदिर मार्ग को जोड़ता है।
यह दो बड़ी योजनाएं भी कर रही रेलवे की मंजूरी का इंतजार
फ्रीगंज में पुराने ओवरब्रिज के समानान्तर नया फोरलेन ब्रिज बनाने का भूमिपूजन हो चुका है और ठेकेदार द्वारा मिट्टी परीक्षण भी किया जा चुका है। ब्रिज को 21.40 मीटर चौड़ा बनाने के लिए रेलवे से स्वीकृति मांगी गई है। रेलवे की हरी झंडी के बाद ही यह काम आगे बढ़ सकेगा।
रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक रोप वे की योजना पर भी काम चल रहा है। 190 करोड़ रुपए की इस योजना का सारा काम शुरू हो चुका है। माल गोदाम रेलवे स्टेशन के पास इसका पहला स्टेशन बनना है। इसके लिए रेलवे से यूटिलिटी शिफ्टिंग की स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा।










