नेहा के बाद प्रहलाद के खून से लाल हुआ जीरो पॉइंट ब्रिज

एसपी से यही अनुरोध, चायना डोर बेचने वालों और इससे पतंग उड़ाने वालों को मौाका मुआयना हो

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। कॉलेज छात्रा नेहा आंजना की दर्दनाक मौत के बाद एक बार फिर चायना डोर ने जीरो पाईंट ब्रिज को खूनमखान कर दिया। इस बार शिक्षा विभाग के कर्मचारी चपेट में आए हैं। गनीमत है कि मौके पर सावधानी बरत ली, वरना डोर जान ले लेती। उनके गले में आठ टांके आए हैं।
बताया जाता है कि कस्तूरी बाग कॉलोनी में रहने वाले 43 वर्षीय प्रहलाद मोदे करीब साढ़े दस बजे दो पहिया वाहन से जा रहे थे। वे शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। वे अभी ब्रिज के मध्य भाग तक पहुंचे ही थे कि अचानक चायना डोर उनके गले पर लगी। उन्होंने तत्काल गाड़ी रोकी और हाथ से डोर को अलग किया तक डोर गले को घायल कर चुकी थी।
खून का फव्वारा निकल पड़ा। उनके घायल होते ही ब्रिज पर जाम लग गया। वाहन चालक अपने वाहन छोड़ कर उनके पास पहुंचे और गले पर गमछा बांध कर निजी अस्पताल में भर्ती कराया। राहगिरों ने मोबाइल नंबर मांग कर परिजन को सूचना दी। परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। प्रहलाद के गले पर आठ टांके लगाए गए हैं। डॉक्टरों का कहना था कि समय रहते डोर पकड़ ली गई और तत्काल अस्पताल लाया गया वरना अनहोनी हो सकती थी। अधिक मात्रा में खून बहने से उन्हें बेहोशी जैसी महसूस हो रही है।
पतंग उड़ाने वालों, मेरे पापा की हालत देखो
घायल के पुत्र दीपक का कहना है कि वे उन लोगों के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने समय पर उसके पापा को अस्पताल में दाखिल करवा दिया। उसका पतंग उड़ाने वालों से कहा कि जरा सी अंगुली कट जाए तो कितना दर्द होता है। मेरे पापा को देखो। उनके गले में आठ टांके लगे हैं। वे कितनी पीड़ा से गुजर रहे हैं। चायना डोर से यदि पतंग नहीं उड़ी तो आपका क्या बिगड़ जाएगा। प्लीज, चायना डोर का बहिष्कार करो।
पुलिस के अभियान पर पलीता
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा चायना डोर को लेकर अभिचान चला रहे हैं। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने प्रतिबंध लगाया है। चायना डोर से पतंग न उड़ाने की अपील की है। बावजूद इसके पतंग उड़ाने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। डोर बेचने वाले हरकतिए भी चंद रुपयों के लालच में अपनी हरकत दिखा रहे हैं।
इनका एक ही इलाज है, मौका मुआयना। जो पतंग चायना डोर से पतंग उड़ाता मिले, उससे पूछा जाए कि डोर कहां से लाया। लिंक मिलती जाएगी। इसके बाद इनका ढोल-ढमाकों से मौका मुआयना किया जाए। लोग इस अभियान का समर्थन करेंगे। पूरे शहर में मौका मुआयना हो। प्रदीप का तीसरा पंच अब यह चायना डोर ही होना चाहिए, लोगों की यही मांग है। यदि ऐसी सख्ती नहीं बरती गई तो न जाने कितनी नेहा अपनी जान गवां देंगी और अनगिनत प्रहलाद अपने गले कटवा देंगे। इसलिए प्रदीप शर्मा अपनी प्रदीपन शक्ति को प्रदीप्त में तब्दील करें।









